मंझनपुर। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की बयार ला रही है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं पर काम कर रही है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना के तहत महिलाओं को सम्मान देकर अन्य महिलाओं को समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही बेहतर काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
महिलाओं की समृद्धि से ही गांव और समाज के आर्थिक स्तर में सुधार होगा। इसके लिए सरकार ने एनआरएलएम योजना से महिलाओं की मदद करने के लिए समूहों का गठन कराया है। इसके बाद इन महिलाओं की आर्थिक मदद करते हुए रोजगार के लिए प्रेरित किया गया। आज महिलाएं गांव में शौचालय के केयर टेकर से लेकर बैंक सखी, विद्युत सखी और समूह सखी आदि के रूप में काम कर रहीं है।
इसके साथ ही महिलाओं के समूह बनाते हुए इनको सरकार स्वरोजगार के लिए ऋण दे रही है। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी इच्छा से कोई भी कारोबार शुरू कर सकती हैं।
चार ब्लॉक में हुआ सम्मान समारोह : महिला स्वयं सहायता समूह को समाज में एक मॉडल के रूप में पेश किया जा रहा है। इसके लिए उन महिलाओं को दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनाते हुए सम्मानित किया जा रहा है। जिला मिशन प्रबंधक दिव्यांशु सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को कड़ा, चायल, सिराथू और नेवादा ब्लॉक में समूह से जुड़ी 100-100 महिलाओं को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इनके कार्य किस प्रकार रहे, इन्होंने कैसे सफलता पाई। इसकी कहानी अन्य महिलाओं को बताई गई। इस कार्यक्रम में जन प्रतिनिधियों ने महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। सिराथू में पूर्व विधायक शीतला प्रसाद पटेल व कड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल हुए।