बोर्ड कर्मचारी बन परीक्षा पास करवाने का दे रहे लालच
फोन पर परिजनों से कर रहे संपर्क, भरोसा जताने के लिए रोल नंबर भी बता रहे, डीआईओएस ने फर्जी काल से बचने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। प्रयागराज बोर्ड ऑफिस के कथित कर्मचारी वर्ष 2020 की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका ले रहे हैं। वह अपनी प्रमाणिकता के लिए फोन पर अभिभावकों को परीक्षार्थी का रोल नंबर भी बताते हैं। जालसाजों ने रेट तय कर रखा है। इस तरह की कॉल को लेकर परीक्षार्थी और अभिभावक खासे परेशान हैं।
वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों के मूल्यांकन का नंबर आया तो कोविड.19 की वजह से लॉकडाउन हो गया। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मूल्याकांन का काम बीच में ही रोक दिया। मूल्यांकन कब शुरू होगाघ् इसकी जानकारी किसी को नहीं है। बड़ी बात है कि पिछले तीन दिन से जिले में अभिभावकों के पास अंजान नंबरों से कॉल आ रही है। शुक्त्रस्वार सुबह सुजातपुर बम्हरौली निवासी नरेन्द्र दुबे के पास फोन आया। नरेंद्र के मुताबिक कॉल करने वाले ने खुद को बोर्ड ऑफिस प्रयागराज का कर्मचारी बताया। उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल हुई नरेन्द्र की बेटी का अनुक्त्रस्मांक भी बताया। इसके बाद कहा कि बेटी फेल हो जाएगी। 70 फीसदी से अधिक नंबर के लिए जालसाज ने छह हजार तो मामूली नम्बरों से पास कराने के लिए चार हजार रुपये की मांग की। सिराथू इलाके के दर्जी का पूरा गांव की रचना के पिता कुंवर बहादुरए सयारा की जुलेखा के पिता रुआब अलीए मीठेपुर सयारा की सिरीन के पिता इकबाल व शहजादपुर की सबनम के पिता इब्राहिम के पास भी इस तरह की कॉल आ चुकी है। इसे लेकर परीक्षार्थी तथा अभिभावक खासे परेशान हैं। उन्हें इस बात का भय सता रहा है कि कहीं कॉपियों के साथ बोर्ड ऑफिस कर्मचारी किसी छेड़छाड़ तो नहीं कर रहे हैं। वहीं कॉल करने वाला कथित बोर्ड ऑफिस कर्मचारी अभिभावकों से मिलने को तैयार नहीं है। कोई मुलाकात करने को कहता है तो कोई बोलता है कि लॉकडाउन की वजह से संभव नही है। जालसाज रुपये के लिए सभी को केनरा बैंक का अकाउंट नंबर देता है। इसका आईएफएससी कोड भी मैसेज करता है। नरेद्र के मोबाइल पर उसने खाता संख्या और आईएफएससी कोड व्हाट्सएप किया है।
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कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी इस तरह की शिकायत की है। सभी से लिखित शिकायती पत्र मांगा गया है। प्रकरण की जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद के आला अधिकारियों को दी जाएगी। अभी कॉपियों का मूल्याकांन हुआ नहीं तो फिर किसी के पास या फेल होने का सवाल ही नहीं उठता। फर्जी कॉल से लोग सावधान रहें तो बेहतर होगा। कॉल करने वालों के खिलाफ आला अधिकारियों से वार्ता कर कार्रवाई कराई जाएगी। .-एसके सिंह.जिला विद्यालय निरीक्षक