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Kaushambi News: लालच में चचेरे भाई ने साथियों संग मिलकर की थी लोडर चालक की हत्या

Fri, 14 Jun 2024 05:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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करारी के अमुरा गांव में धर्मवीर के बाद थाना परिसर में बैठी महिलाएं। संवाद
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कोतवाली के अमुरा गांव निवासी लोडर चालक धर्मवीर की हत्या उसके चचेरे भाई ने दोस्तों संग मिलकर की थी। आरोपी भाई, धर्मवीर का लोडर मॉडिफाइड कराकर उसे डीजे वाहन बनाना चाहता था। पुलिस ने आरोपी के टेंट हाउस के पीछे गड्ढे में दफन धर्मवीर का शव बरामद कर लिया है। कातिलों ने बदबू न फैले और वह जल्दी से गल जाए, इसके लिए शव के ऊपर नमक की बोरियां डालीं थीं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लोडर व धर्मवीर के तीन मोबाइल बरामद किए हैं।
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अमुरा गांव निवासी धर्मवीर खुद का लोडर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। 29 मई को धर्मवीर कानपुर से माल लोड करने जाने की बात कहकर लोडर लेकर निकला, इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। काफी खोजबीन के बाद भी धर्मवीर का पता नहीं चलने पर दो जून को उसके भाई अंकुश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
पुलिस ने इसके बाद धर्मवीर के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर डाला तो पता चला कि अंतिम बार उसकी बातचीत चचेरे भाई अमरदीप से हुई थी। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगे। चालक की सकुशल बरामदगी को लेकर परिवार की महिलाओं ने थाने का घेराव किया था, लेकिन पुलिस को कोई फर्क नहीं पड़ा।
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सोमवार को पीड़ित परिवार ने आईजी प्रेम गौतम से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगाई। आईजी की सख्ती के बाद पुलिस ने अमरदीप पर शिकंजा कसा तो पहले वह गुमराह करता रहा। बाद में उसने अपने साथी गुड्डू व दीपक के साथ मिलकर हत्या की बात कुबूल कर ली। बताया कि वह अवाना गांव में किराए का कमरा लेकर टेंट हाउस का संचालन करता है। उसे डीजे बनवाना था, जिससे ज्यादा लाभ हो सके।
इसी लालच में उसने धर्मवीर को फोन करके बहाने से टेंट हाउस बुलाया व साथियों के साथ मिलकर गला रेतकर मार डाला। इसके बाद सभी आरोपियों ने टेंट हाउस के पीछे गड्ढा खोदकर शव दफन कर दिया। सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी का कहना है कि लालच में आकर अमरदीप ने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद सरायअकिल के बेरूई निवासी एक मिस्त्री के यहां वह लोडर को डीजे वाहन बनाने के लिए छोड़ आया। पुलिस ने लोडर व मृतक के तीन मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।


आरोपियों के एनकाउंटर किए जाने की मांग
करारी। लापता लोडर चालक का शव मिलने के बाद परिवार के लोगों का पुलिस के प्रति गुस्सा फूट पड़ा। घरवालों का कहना था कि अंतिम बार जब पुलिस को धर्मवीर की लोकेशन अवाना व चचेरे भाई अमरदीप से बात पता चल गई थी तो उसने तत्काल कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। इसी बात से नाराज परिवार की महिलाएं दो ट्रैक्टर में सवार होकर कोतवाली पहुंच गई। सभी का कहना था कि कातिलों का एनकाउंटर किया जाए। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने समझा-बुझाकर महिलाओं को घर भेजा।
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आईजी की सख्ती के बाद पुलिस हुई संजीदा
करारी। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस के अलावा एसपी तक से इंसाफ की गुहार लगाई, लेकिन हर जगह से जवाब सिर्फ एक ही मिला.... जांच कर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को जब आईजी प्रेम गौतम से शिकायत हुई तो उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए करारी पुलिस से जवाब तलब किया। आईजी की सख्ती का ही असर रहा कि पुलिस ने संजीदगी तो दिखाई, लेकिन धर्मवीर को जिंदा नहीं, बल्कि उसका शव बरामद किया।


दो बच्चों के सिर से छिना पिता का साया
लोडर चालक धर्मवीर के एक बेटी व एक बेटा हैं। पत्नी कलावती पिछले करीब सात वर्ष से मायके में रहती है। पत्नी को जब घटना के बारे में जानकारी हुई तो उनका रो-रोकर हाल बेहाल हो गया।


नाबालिग से दुष्कर्म में जेल जा चुका है आरोपी
लोडर चालक धर्मवीर की हत्या का आरोपी अमरदीप वर्ष 2022 में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर छूटा था। सीओ सिटी का कहना है कि गिरफ्तार होने के बाद अमरदीप की आंखों में पछतावे के आंसू थे। उसका कहना था कि साहब वह लालच में आ गया था। इसी के कारण उसने बेगुनाह चचेरे भाई को मौत के घाट उतार दिया।
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