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Kaushambi News: शक्तिपीठ कड़ाधाम में आषाढ़ मेले का भव्य आगाज, पहले दिन उमड़ा आस्था का सैलाब

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आषाढ़ मेला के पहले दिन छठ को मां शीतला के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
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शक्तिपीठ कड़ाधाम में पांच दिवसीय आषाढ़ मेले के पहले दिन रविवार को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। मेले के पहले ही दिन चारों तरफ माता के जयकारों की गूंज सुनाई दी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
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मेले के प्रथम दिन रविवार को भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कड़ा के कालेश्वर घाट, कुबरी घाट समेत विभिन्न स्नान घाटों पर पतित पावनी मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के बाद घाटों पर पुरोहितों को अन्न, वस्त्र और धन का दान कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ कमाया।
गंगा स्नान और पारंपरिक अनुष्ठानों के पश्चात श्रद्धालुओं का रेला सीधे मां शीतला के दरबार की ओर बढ़ा। हाथों में नारियल, चुनरी, फूल-माला और प्रसाद लेकर भक्तों ने कतारबद्ध होकर माता के दर्शन किए। भक्त हाथों में पालना लेकर मां शीतला के दरबार में चढ़ाने पहुंचे।
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गर्भगृह में माता शीतला की दिव्य प्रतिमा के सम्मुख शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख, समृद्धि और कुशलता के लिए मंगल कामना की।
मेले के प्रथम दिन उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस बल तैनात रहा, इससे श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंदिर के पुजारी आत्माराम पंडा ने बताया कि ऋतु परिवर्तन और मानसून के आगमन के समय चेचक सहित मौसमी बीमारियों से बचाव और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मां शीतला की पूजा का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी और अष्टमी को महिलाएं व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करती हैं और दही-पूरी का भोग लगाती हैं। मेले को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
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