जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागर में वाणिज्यकर विभाग व जिला उद्योग मंडल के तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान व्यापारियों में जीएसटी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए इससे मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि व्यापार की नई कर प्रणाली जीएसटी को लेकर व्यापारियों के मन में तरह-तरह की आशंकाएं हैं। यदि उनके मन में किसी प्रकार की आशंका है तो वे अपनी बात रख सकते हैं। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी उनकी समस्याओं का तुरंत निदान करेंगे। इस दौरान डीएम ने व्यापारियों से कहा कि आर्थिक सुधार कार्यक्रम में जीएसटी मील का पत्थर साबित होगी।
इसके लागू होने से व्यापारियों को व्यापार में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि जीएसटी लागू होने से किसी भी व्यापारी का शोषण नहीं होगा। कार्यशाला में डिप्टी कमिशभनर वाणिज्यकर मदन लाल ने बताया कि व्यापारियों को दस हजार रुपए तक का टैक्स नगद या चेक के माध्यम से जमा करने की अनुमति होगी। इससे अधिक की धनराशि आरटीजीएस या अन्य माध्यमों से जमा की जाएगी।
कार्यशाला में ज्वाइंट कमिशभनर एसबी श्रीवास्तव, डिप्टी कमिशभनर अनिल कुमार सिंह, असिस्टेंट कमिशभनर विवेक मिश्र सहित वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी के संबंध में व्यापारियों को विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान व्यापारियों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। कार्यशाला में इलाहाबाद के ज्वाइंट कमिशभनर एसके श्रीवास्तव, डिप्टी कमिशभनर अनिल कुमार, असिस्टेंट कमिशभनर विवेक कुमार तथा वाणिज्य कर विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी व जिले के व्यापारी मौजूद रहे।