सिराथू तहसील के गिरसा गांव में बना तहसील स्तरीय स्टेडियम कागजों में खेल प्रतिभाओं को निखारने का केंद्र है। यहां अक्सर ताला बंद रहता है। वर्ष 2012-13 में बने इस स्टेडियम में खेल सुविधाओं के होने का दावा विभाग करता है। लेकिन, खिलाड़ी केवल मौसमी हैं। यहां किसी प्रशिक्षक की भी तैनाती नहीं है। ऐसे में संसाधनों की कमी के कारण यहां खिलाड़ियों की मौजूदगी नहीं दिखती।
ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए गिरसा में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया है। उद्देश्य था कि यहां नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन व अभ्यास होता रहेगा। खेल के नाम पर हर सुविधा होने का दावा विभाग करता है। लेकिन, यहां कोई खेलते नहीं दिखा। स्टेडियम में तैनात एक पीआरडी जवान ही यहां मिलते हैं।
स्टेडियम की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नहीं है। मैदान में कहीं-कहीं घास उगी है तो कई जगहों पर साफ-सफाई की कमी नजर आती है। युवा कल्याण अधिकारी अंशु मिश्रा का दावा है कि स्टेडियम में क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल और जिम से जुड़ी सामग्री उपलब्ध है। उनके अनुसार सुबह के समय बच्चे अभ्यास के लिए आते हैं। लेकिन, गर्मी और खेती-किसानी में व्यस्तता के चलते इन दिनों खिलाड़ियों की संख्या कम हो गई है। सुरक्षा के लिए दिन और रात में एक-एक पीआरडी जवान की तैनाती की गई है।