विकास खंड नेवादा के पूरे घासीराम मजरा बसुहार में जल जमाव हो गया है। जलनिकासी का इंतजाम न होने की वजह से लोगों के घरों की दीवारों पर तीन फीट तक पानी चढ़ गया। कुछ लोगों के घर में पानी घुस जाने से सामान नष्ट हो गया है। जल जमाव के चलते दीवारों में सीलन फैलने से घरों के जमींदोज होने का खतरा मंडराने लगा है। जिम्मेदार हैं कि जलनिकासी का इंतजाम करना तो दूर हाल जानने भी नहीं पहुंच सके।
पूरे घासीराम मजरा बसुहार में लगभग डेढ़ सौ घर बसे हुए हैं। एक हजार की आबादी वाले इस गांव में जलनिकासी का कोई इंतजाम मौजूदा समय में नहीं है। बृहस्पतिवार की रात हुई घनघोर बारिश के चलते गांव के चारों ओर जल जमाव हो गया। सुबह लोगों की नींद खुली तो गांव को पानी से घिरा देख लोगों के होश उड़ गए। उधर कुछ लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। इससे उनके घरों में रखा गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत करने के लिए एसडीएम चायल को शुक्रवार की सुबह कई बार उनके सीयूजी नम्बर पर फोन किया पर कॉल रिसीव नहीं हो सकी। ऐसे में ग्रामीणों की मदद के लिए कोई भी जिम्मेदार गांव नहीं पहुंच सका। इसे लेकर लोगों में खासी नाराजगी है।
...तो ग्रामीणों ने खुद किया है जल जमाव का इंतजाम
बसुहार ग्राम सभा के मजरा पूरे घासीराम में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होने के जिम्मेदार स्वयं ग्रामीण हैं। लोगों की माने तो जलनिकासी के लिए वर्ष 2009 में तत्कालीन ग्राम प्रधान संगम लाल मिश्र ने साढ़े चार लाख की लागत से नाले का निर्माण कराया था। आरोप है कि ग्रामीणों ने नाले की एक-एर्क इंट को गायब करते हुए उसे पाट दिया। इसके अलावा गांव जाने वाली सड़क पर जलनिकासी के लिए पांच पुलिया बनी थी। ग्रामीणों ने इन पांचों पुलिया को भी पाट रखा है। बृहस्पतिवार की रात तगड़ी बारिश होने पर जल जमाव की स्थिति पैदा हुई तो ग्रामीणों को रास्ता नहीं सूझ रहा है।