मंझनपुर। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा होने के बाद भी मरीजों को वक्त पर सेवा नहीं मिल पा रही है। यहां पर्चा कटवाने पर तीन से चार दिन बाद ही अल्ट्रासाउंड जांच कराने का नंबर मिल पाता है। इसके पीछे रेडियोलॉजिस्ट का न होना बताया जा रहा है। चार साल से रिक्त चल रहे रेडियोलॉजिस्ट पद का काम सोनोलॉजिस्ट से लिया जा रहा है।
जिला अस्पताल (अब मेडिकल कॉलेज) में रेडियोलॉजिस्ट रहे डॉ. सौभाग्य प्रकाश को चार साल पहले शासन ने पदोन्नत कर अमरोहा का सीएमओ नियुक्त कर दिया था। तब से यहां किसी दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों की तमाम शिकायतों के बाद करीब डेढ़ साल पहले जिला अस्पताल में तैनात ईएमओ डॉ. विवेक केसरवानी को तीन माह के लिए लखनऊ से प्रशिक्षण दिलवाने के बाद कनैली सीएचसी में सोनोलॉजिस्ट पद पर नियुक्त कर दिया गया था।
इसी बीच जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद डॉ. विवेक को सीएचसी से मेडिकल कॉलेज संबद्ध कर लिया गया। तब जाकर यहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू तो सकी। बताते हैं कि वह सिर्फ गर्भवती महिलाओं को ही प्राथमिकता देते हैं।
इन दिनों यहां रोजाना 60 से 80 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने आते हैं। जबकि, सोनोलॉजिस्ट दिनभर में अधिकतम 35 से 40 अल्ट्रासाउंड ही करते हैं। ऐसे में यहां पर जांच के लिए पर्चा कटवाने पर मरीजों को तीन से चार दिन बाद अल्ट्रासाउंड कराने का नंबर मिलता है।
शुक्रवार को गौराहार के लालचंद्र ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए तीन दिन से परेशान हैं। तमाम सिफारिश करने पर आज जाकर जांच हो पाई है। इसी तरह तिवारी का पूरा गांव की ममता ने बताया कि पांच दिन पहले बहू को डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कर्मचारी ने छह जून के लिए नंबर दिया था। वहीं, नागी टिकरी के सुखलाल ने बताया कि दो दिन से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए परेशान हूं। अब लगता है कि प्राइवेट सेंटर में ही जाकर जांच करा लूं।
अल्ट्रासाउंड विभाग में लगी डिस्प्ले खराब
मरीजों को उनका नंबर पता चले, इसलिए अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर डिस्प्ले लगी है, जो कई दिनों से खराब है। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नया नगर के अमित ने बताया कि पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सुबह से बैठा हूं, दो घंटे हो गए, पता नहीं अभी कौन सा नंबर चल रहा है। डिस्प्ले मशीन खराब होने से नंबर की जानकारी नहीं मिल पा रही है। बार-बार पूछने पर कर्मचारी झल्लाकर जवाब देते हैं। कहते हैं शांति से बैठे, जब नंबर आएगा तो पता चल ही जाएगा।
बोले जिम्मेदार
-जिले के किसी भी केंद्र में रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती नहीं है। मजबूरी में सोनोलाॅजिस्ट से मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड का कार्य कराया जा रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है।- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
- हमारे यहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं, लेकिन किसी भी मरीज को वापस नहीं किया जाता है। सोनोलॉजिस्ट से सभी का अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है। जल्द से जल्द रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. हरिओम सिंह, कॉलेज प्राचार्य
अल्ट्रासांउड विभाग की खराब है नंबर बताने वाली डिस्प्ले। संवाद
अल्ट्रासांउड विभाग की खराब है नंबर बताने वाली डिस्प्ले। संवाद