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बिना हेलमेट लगाए वाहन चालकों को दिया जा रह पेट्रोल

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बिना हेलमेट लगाए वाहन चालकों को दिया जा रहा पेट्रोल
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ठेंगे पर अपील, नियम ताक पर रखने वालों को मिल रहा तेल
बिना हेलमेट पहने , तीन सवारी बैठाने और बिना सीट बेल्ट बांधने वालों को तेल नहीं देने की हुई थी अपील
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के कारण आए दिन हो रहे हादसों को रोकने के लिए अफसरों की अपील जिले में सफल होती नहीं दिख रही। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट लगाए और तीन सवारी बैठाने वाले दो पहिया चालकों को बरोकटोक के पेट्रोल दिया जा रहा है। यही हाल कार सवारों का भी है, चाहे सीट बेल्ट लगी हो या नहीं, लेकिन आसानी से ईंधन मिल जाता है।
कौशाम्बी में सड़क हादसों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने पिछले दिनों पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक की थी। बैठक में शामिल होने आए पंप संचालकों से कहा गया था कि वह तेल भराने आने वाले वाहन चालकों से सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक करें। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा. एसपी प्रदीप गुप्ता, एआरटीओ शंकर जी सिंह ने डीलरों से बगैर हेलमेट पहने अथवा तीन सवारी बैठाकर आए दो पहिया सवारों को पेट्रोल न देने की अपील की थी। इसी तरह से सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले कार सवारों को भी तेल देने से मना किया गया था। अफसरों का मानना था कि पंप मालिकों के सहयोग से जिले में हो रहे हादसों पर नकेल लगेगी। पर, इसका तनिक भी असर देखने को नहीं मिल रहा। किसी भी पंप पर खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को आसानी से तेल मिल रहा है। इस बाबत अमर उजाला ने रविवार को पंपों की पड़ताल की तो आशंका सच साबित हुई। मंझनपुर स्थित पेट्रोल पंप पर लोग बिना हेलमेट लगाए आसानी से तेल भराते दिखे। पंप पर मौजूद सेल्समैन ने किसी को हेलमेट के बारे में टोकना भी जरूरी नहीं समझा। यहीं हाल समदा स्थित पेट्रोल पंप का था। यहां पर बिना सीट बेल्ट लगाए कार सवार तेल भराते दिखे। संवाददाता ने सेल्समैन से जागरूकता के बारे में सवाल किए तो उसका कहना था कि यह काम पुलिस और प्रशासन का है। उन्हें मालिक को बिक्री दिखानी होती है। अगर सभी को वापस कर दिया जाएगा तो बिक्री का क्या होगा।
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इंसेट
एक ही परिवार के पांच लोगों की हुई थी मौत
मंझनपुर। पिछले दिनों ककोढ़ा गांव के समीप सैनी के खोजवापुर निवारी राजकरन और उसकी पत्नी अनीता व तीन बच्चों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। राजकरन सहित पांच लोग एक बाइक पर सवार होकर प्रयागराज से वापस लौट रहे थे। खास बात यह रही कि प्रयागराज से लेकर कौशाम्बी तक किसी किसी भी पुलिस कर्मी ने राजकरन को पांच लोग बैठाने पर भी रोकना मुनासिब नहीं समझा। राजकरन ने हेलमेट भी नहीं लगाया था। ऐसे तमाम मामले हैं जिनकी हादसों में मौत यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण हो रही है।
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वर्जन
यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। चेकिंग के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। इसके बाद भी लोग अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर फ्रिकमंद नहीं हैं तो क्या किया जा सकता है।
शंकर जी सिंह, एआरटीओ कौशाम्बी
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