शादियों के सीजन की शुरुआत के साथ ही गैस सिलिंडर की किल्लत ने शादी वाले घरों की परेशानी बढ़ा दी है। 14 अप्रैल से शुरू हो रहे शुभ मुहूर्त के बीच जहां एक ओर मांग तेजी से बढ़ी है, वहीं आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को सिलिंडर जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई परिवारों को मेन्यू कम करना पड़ रहा है।
कुछ लोग तो बरातियों की संख्या घटाने की अपील तक कर रहे हैं। विवाह समारोहों में खानपान की व्यवस्था सबसे अहम मानी जाती है, लेकिन इस बार गैस संकट ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। आम दिनों में जहां एक-दो सिलिंडर से काम चल जाता था, वहीं शादी में हलवाइयों को आठ से 10 या उससे अधिक सिलिंडर की जरूरत पड़ती है।
बेटी गौसिया बानो की शादी 14 अप्रैल को है। हलवाई ने दो सिलिंडर की मांग की थी, लेकिन एक भी नहीं मिल पाया। करीब 300 बराती आने हैं। 13 अप्रैल को हिंदू भाइयों के लिए खाना की व्यवस्था भी की थी, लेकिन अब सिलिंडर न मिलने से उसे रद्द करना पड़ सकता है। - अब्दुल रसीद, ननमई, सिराथू
20 अप्रैल को घर में तिलक समारोह है, जिसमें लगभग 1000 लोगों के आने की संभावना है। हलवाई ने 12 सिलिंडर मांगे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ तीन ही मिल पाए हैं। अगर जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो मेन्यू कम करना पड़ेगा और सीमित संसाधनों में ही मेहमानों का स्वागत करना होगा। -योगेश चौरसिया, चौराहा
15 अप्रैल को मामा के बेटे की तिलक है। करीब 800 लोगों की व्यवस्था है। हलवाई ने 13 सिलिंडर मांगे थे, लेकिन अभी तक सिर्फ पांच ही मिल पाए हैं। अगर बाकी सिलिंडर नहीं मिले तो पहले से तय मेन्यू में कटौती करनी पड़ेगी। -सचिन शुक्ला, गांधीनगर मंझनपुर
बेटी की शादी पांच मई को है। हलवाई ने सात सिलिंडर की मांग की है, लेकिन अभी तक सिर्फ एक ही मिल पाया है। इसी वजह से हमने बरातियों से कम संख्या में आने की अपील की है, ताकि व्यवस्था संभाली जा सके। -सजीवन प्रजापति,भरवारी रोड बेरुआ
16 अप्रैल को भतीजी की शादी है। करीब 200 लोगों की व्यवस्था है। तीन सिलिंडर की जरूरत थी, लेकिन एक भी नहीं मिला। अब लकड़ी की भट्ठी पर खाना बनाने की योजना बना रहे हैं। -जयकरन, रसूलपुर सोनी
शादी वाले परिवार प्रार्थना पत्र और निमंत्रण कार्ड कार्यालय में जमा करें। इसके बाद आवेदन संबंधित गैस एजेंसी को भेजा जाएगा, जहां सुरक्षा राशि जमा कर कॉमर्शियल सिलिंडर मिल सकेगा। कार्यक्रम के बाद जितने सिलिंडर उपयोग होंगे, उतना ही भुगतान लिया जाएगा और शेष सुरक्षा राशि वापस कर दी। -मंगेश कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी
योगेश चौरसिया
योगेश चौरसिया
योगेश चौरसिया
योगेश चौरसिया
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