इक्यावनी शक्ति पीठ कड़ा धाम में इन दिनों प्रतिदिन दस से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। साफ-सफाई कराने का प्रशासन ने दावा किया था। इसके बाद भी यहां कूड़े-करकट का ढेर लगा हुआ है। नालियां बजबजा रही हैं। शीतला धाम का मुख्य नाला चोंक होने की वजह से ओवरफ्लो चल रहा है। पॉलीथिन आदि की वजह से एक नाला बंद हो चुका है। एक नाले का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में गिर रहा है, इसके बाद भी अधिकारी आंख मूंदकर तमाशा देख रहे हैं।
शीतलाधाम मंदिर के बगल से एक नाला का निर्माण कराया गया है। इस नाले का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में गिरता है। कई बार इसको बंद कराने की मांग मंदिर प्रबंध समिति के लोगों ने अधिकारियोें से की, लेकिन अब तक इस नाले को बंद कराने की कोई पहल नहीं की गई। इसका परिणाम यह रहा कि शीतला धाम के कई लोगों ने इस नाले को अपने शेफ्टी टैंक से जोड़ दिया। इससे पंडा समाज के लोगों में गुस्सा है। शीतला शाम में ही एक और नाला का निर्माण हुआ है। यह नाला चोंक हो चुका है। कूड़ा-करकट की वजह से नाले का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। नाला ओवरफ्लो होने से दुर्गंध उठने लगी है।
नवरात्र पर्व के पहले इसको साफ कराने का वादा किया गया था, इसके बाद भी अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लल्लन पंडा के घर के सामने लगा हैंडपंप भी ठप है। इसी के बगल में एक कुआं है, वह भी सूख चुका है। चार हैंडपंपों को रिबोर कराने की मांग की गई है। कड़ा से शीतलाधाम तक का मार्ग जर्जर है। इसके अलावा कुबरी घाट पर गंदगी पसरी हुई है। यही घाट ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। एसडीएम विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि साफ-सफाई कराई जा रही है। कहां दिक्कत है, इस संबंध में पंडा समाज के लोगों से बातचीत कर उसका भी निदान कराया जाएगा।