जिले के परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की पहल की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों और विभागीय कार्यालयों के लिए फर्नीचर और अन्य जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए करीब 57.89 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस पहल से विद्यालयों में जरूरी सामान की उपलब्धता बढ़ने के साथ ही अभिलेखों को सुरक्षित रखने और विभागीय कार्यों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विभाग की ओर से कुल 495 इकाइयों की आपूर्ति की योजना बनाई गई है। इसमें सामान्य उपयोग के लिए 168 कुर्सियां शामिल हैं। इसके अलावा छह रिवॉल्विंग कुर्सियां, नौ मॉड्यूलर और मीटिंग टेबल तथा नौ मेटल स्टोरेज कैबिनेट की व्यवस्था की जाएगी। इनसे कार्यालयों में बैठने और कामकाज के लिए जरूरी सुविधाएं बेहतर हो सकेंगी।
इस योजना में सबसे अधिक 300 मेटल शेल्विंग रैक शामिल हैं। इनका उपयोग विभागीय अभिलेखों, जरूरी दस्तावेजों और पुस्तकों को व्यवस्थित तरीके से रखने के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा तीन बेड गद्दे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी सामान निर्धारित मानकों के अनुरूप होना है।
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अभिलेखों को सुरक्षित रखने में मिलेगी मदद
बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर और भंडारण संबंधी सुविधाओं का विस्तार होने से कार्यालयी कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। खासकर बड़ी संख्या में उपलब्ध कराए जाने वाले रैक से दस्तावेजों और पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी। कुर्सियों और टेबल की उपलब्धता से बैठने और काम करने की व्यवस्था में भी सुधार होगा। हालांकि, इस सामग्री का वास्तविक लाभ विद्यालयों और संबंधित कार्यालयों तक इसकी आपूर्ति और उपयोग पर निर्भर करेगा। विभागीय स्तर पर सुविधाओं के विस्तार से शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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विद्यालयों और विभागीय व्यवस्था में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। फर्नीचर और अन्य आवश्यक सामग्री मिलने से कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। विभाग का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी