स्कूलों में किशोरियों को माहवारी के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत देने और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने के लिए जिले के 10 पीएमश्री विद्यालयों में विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) के तहत पैड बैंक बनाए जाएंगे। इसके साथ ही छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साबुन, तौलिया और शौचालयों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता संबंधी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है। कई बार स्कूल में माहवारी शुरू होने पर छात्राओं को सैनिटरी पैड और अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें असहजता का सामना करना पड़ता है। स्कूलों में पैड बैंक की व्यवस्था होने से छात्राओं को जरूरत के समय पैड उपलब्ध हो सकेंगे। वहीं, साबुन और तौलिया जैसी सुविधाएं मिलने से स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही ढक्कन बंद वाले डस्टबिन भी रखे जाएंगे ताकि छात्राएं बिना झिझक के उसका प्रयोग कर सकें।
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स्वच्छता के साथ पढ़ाई जारी रखने में मिलेगी मदद
मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के तहत छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है। विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने से किशोरियों को माहवारी के दौरान होने वाली असुविधा कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही वे बिना किसी झिझक के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जिले के 10 पीएमश्री विद्यालयों में तैयारी की जा रही है।
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा योगेश तिवारी ने बताया कि जिले के 10 पीएमश्री विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के तहत पैड बैंक, साबुन, तौलिया और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। यह व्यवस्था इसी महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।