नगर पालिका से चायल तहसील मुख्यालय की दूरी महज 26 किलोमीटर है, लेकिन यह सफर यात्रियों के लिए परेशानी भरा साबित हो रहा है। रोडवेज बस सेवा न होने से लोगों को तीन चरणों में डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत हो रही है। भरवारी और चायल क्षेत्र की करीब 30 फीसदी आबादी डग्गामार वाहनों पर निर्भर है।
भरवारी से चायल पहुंचने के लिए पहले 25 रुपये में बेरुआ, फिर 30 रुपये में मनौरी और उसके बाद 20 रुपये में चायल तक का सफर तय करना पड़ता है। इस तरह 26 किलोमीटर की दूरी तय करने में 75 रुपये से अधिक खर्च हो जाते हैं और करीब दो घंटे का समय लगता है।
लोगों को आए दिन तहसील के काम से जाना पड़ता है। तीन बार वाहन बदलने पड़ते हैं और समय से पहुंचने के लिए दो घंटे पहले निकलना पड़ता है। प्रकाश चंद केसरवानी पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा
जमीनी और राजस्व मामलों में चायल आना-जाना लगा रहता है। ज्यादा किराया और लंबा इंतजार बड़ी समस्या है। नीरज कौशल
भरवारी-चायल मार्ग पर बस संचालन की मांग की जानकारी है। उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही सेवा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। -गंगा शंकर,डिपो इंचार्ज,मंझनपुर