चंद्रशेखर आजाद नगर स्थित जिला जेल में राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया गया। इस दाैरान 150 से अधिक बंदियों को निशुल्क कानूनी सहायता दी गई।
मुख्य अतिथि चीफ लीगल एड अमित मिश्रा ने बताया कि इसका उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय दिलाना तथा उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। जेल अधीक्षक जितेश कुमार ने कहा कि कानून के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रिंट और डिजिटल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कौशाम्बी जेल में बीते एक वर्ष में 150 से अधिक बंदियों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। जेलर राजेश कुमार राय ने बताया कि देशभर में विधिक सहायता प्रणाली वर्ष 2022 से 2025 तक करीब 44.22 लाख लोगों तक पहुंच चुकी है जबकि लोक अदालतों के माध्यम से 23.58 करोड़ मामलों का निस्तारण किया गया है। इस मौके पर उपकार पाल, अरविंद राय, सदानंद सिंह और राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
महिला पुलिस ने दी कानूनी सहायता की जानकारी
महिला थाना परिसर में रविवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का आयोजन हुआ। इसमें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने महिलाओं को मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला थानाध्यक्ष नीलम राघव ने की। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना ही विधिक सेवा दिवस का मकसद है।
ग्रामीणों को नए बने कानूनों की दी जानकारी
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के कसेंदा गांव स्थित पंचायत भवन में रविवार को विधिक साक्षरता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान तहसीलदार पुष्पेंद्र गौतम ने ग्रामीणों को नए बने कानूनों, संशोधित नियमों और रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। तहसीलदार ने कहा कि अब कानून को सरल भाषा में समझाया जा रहा है, ताकि आम लोग अपने अधिकार और कर्तव्य जान सकें।
उपनिरीक्षक भगवान ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराना पूरी तरह निशुल्क है और पुलिस किसी की तहरीर लेने से इन्कार नहीं कर सकती। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम, सुखलाल यादव, कामरान अजीम, सुरेंद्र सिंह और नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।