कोतवाली के बेरुई गांव स्थित तालाब में सोमवार दोपहर देवी प्रतिमा विसर्जन करने गए चार युवक डूबने लगे। चीख-पुकार सुन पड़ोसी युवक ने तालाब छलांग लगाकर सभी की जान बचाई। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायल हो रहा है। इलाज के लिए सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सीओ चायल ने बहादुरी दिखाने वाले युवक को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं, पूर्व सभासद का आरोप है घटना के वक्त पुलिस तमाशबीन बनी रही। किसी ने भी डूब रहे युवकों को बचाने का प्रयास नहीं किया।
शारदीय नवरात्र पर सरायअकिल कस्बे में सोमवार को प्रतिमा विसर्जन के दौरान कस्बे के बुद्धपुरी मोहल्ला निवासी अभिमन्यु उर्फ नंदन स्वर्णकार (25), नितिन स्वर्णकार (20), प्रिंस सोनी (22) व मौलवीगंज निवासी राजू अग्रहरि (40) गहरे पानी में डूब गए। युवकों को डूबता देख मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
विसर्जन यात्रा में शामिल कस्बे के ठठेरी बाजार निवासी मनोज निषाद ने आननफानन तालाब में कूद कर चारों युवकों को पानी से बाहर निकाला।इलाज के लिए चारों को स्थानीय निजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने नितिन, प्रिंस और राजू को घर भेज दिया। वहीं, अभिमन्यु का अभी भी इलाज चल रहा है। पूर्व सभासद विकास गुप्ता ने आरोप लगाया कि घटना के वक्त मौजूद पुलिस-प्रशासन तमाशबीन बनी रही। पुलिस कर्मियों ने पानी में डूब रहे युवकों को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। सीओ चायल मनोज रघुवंशी ने जान बचाने वाले युवक को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।