विद्युत उपकेंद्र मंझनपुर में चार नए फीडरों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें से दो फीडरों का काम पूरा हो गया है। जबकि, दो में लाइन बननी बाकी है। इनमें दो फीडर मेडिकल कॉलेज के हैं तो दो नलकूपों की लाइन के। इन फीडरों के बनने से उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
जिला मुख्यालय स्थित विद्युत उपकेंद्र मंझनपुर में पहले नौ फीडर थे। इनमें कलक्ट्रेट, टाउन, गांधी नगर, करारी, विश्वबैंक, शमशाबाद, टेवां, भरवारी और समदा फीडर शामिल हैं। जिला अस्पताल को अब मेडिकल कॉलेज घोषित कर दिया गया है। यहां पर इसका नया भवन भी बन रहा है। अभी तक इसे टेवां फीडर से बिजली मिलती है। अब मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के नाम से अलग फीडर बनाया जा रहा है। इसके अलावा कादीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक भवन के लिए अलग फीडर बन रहा है। वहीं, शमशाबाद और भरवारी नलकूप के नाम से दो अन्य फीडर बनाए गए हैं। इनसे सिर्फ नलकूपों के कनेक्शन जोड़े गए हैं।
नलकूप फीडर भरवारी की लाइन 22 किमी तो शमशाबाद की लाइन 11 किमी लंबी है। अवर अभियंता चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि रविवार को उपकेंद्र के कंट्रोल रूम में इन चारों फीडरों के नए पैनलों की स्थापना करा दी। नलकूप के फीडर भी चालू हो गए हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज के दोनों फीडरों की लाइन का काम चल रहा है, जो 15 दिन में पूरा हो जाएगा। इन फीडरों के बनने से अन्य फीडरों का लोड कम होगा। जिससे दूसरी लाइनों के उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
नए फीडरों से जुड़े हैं 176 नलकूपों के कनेक्शन
नलकूप के दोनों नए फीडरों से देवखरपुर, महेशपुर, मवई केवट, कादिराबाद, मेवारी, गुवारा, छोगरियन का पूरा, अमुरा, अंबहा पूरब, अंबहा पश्चिम समेत अन्य गांवों के 176 नलकूपों के कनेक्शन जुड़े हैं। इन गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए रोस्टर के मुताबिक निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी।
कलक्ट्रेट व टाउन के जर्जर हुए पैनल बदले गए
चार नए फीडरों के पैनलों की स्थापना के साथ ही अभियंताओं ने उपकेंद्र के दो पुराने फीडरों कलक्ट्रेट व टाउन के जर्जर हुए पैनलों को भी बदलवा दिया है। कलक्ट्रेट फीडर से कई ग्रामीण लाइनें भी जुड़ी थीं। ऐसे में ग्रामीण अंचल की लाइनों में फाॅल्ट आने पर कलक्ट्रेट फीडर बंद करना पड़ता था। अब ग्रामीण क्षेत्र की लाइनों को दूसरे पैनल से जोड़ दिया गया है। इससे कलक्ट्रेट फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।