आननफानन घर वाले सभी को लेकर सीएचसी पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां हालत में सुधार न होने पर साधना, शालिनी और वर्षा को चिल्ड्रेन हॉस्पिटल भेज दिया गया। साधना ने रास्ते में दम तोड़ दिया। शालिनी को भी बचाया न जा सका। राज कुमार प्रजापति का कहना है कि पड़ोस में रहने वाले एक युवक से उनका विवाद चल रहा है। उसी ने टॉफी में जहर मिलाकर छत पर फेंकी, जिसे खाकर बच्चियों की हालत बिगड़ी।
शाम 5.30 बजे तीन बच्ची कौशांबी से यहां लाई गई थी। साधना की मौत पहले हो चुकी थी। दस मिनट के बाद शालिनी की मौत हो गई। तीसरी बच्ची वर्षा की हालत नाजुक है। उसे आईसीयू में रखा गया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे उल्टी कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। दोनों बच्चों की बॉडी पोस्टमार्टम हाउस भेज दी गई है। -
- डॉ. राजेश यादव, बाल रोग विशेषज्ञ, चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, प्रयागराज।
टॉफी के रैपर (पन्नी) को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों द्वारा अभी तक तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - आशुतोष सिंह, कोतवाल कड़ाधाम
पड़ोसी पर टॉफी में जहर मिलाकर फेंकने का संदेह
वर्षा के पिता राज कुमार प्रजापति का कहना है कि पड़ोस में रहने वाले एक युवक से उनका विवाद चल रहा है। आए दिन वह गालीगलौज करता रहता है। उसी ने अपने घर की छत से टॉफी में जहर मिलाकर उसके मकान की छत पर फेंक दिया। जिसे खाकर वर्षा और अन्य तीनों बच्चियों की हालत बिगड़ गई।
चचेरी बहनों में है गहरी दोस्ती
वर्षा की मां कांती देवी ने बताया कि वर्षा, साधना और शालिनी गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा हैं। जबकि, आरुषि आंगनबाॅड़ी में पढ़ने जाती है। वर्षा के चाचा अजय कुमार बताते हैं कि चारों बच्चों में गहरा लगाव है। सुबह से लेकर शाम तक ज्यादातर समय इनका एक साथ ही बीतता है। खाने-पीने की चीजें भी हमेशा मिल-जुलकर खाते हैं।
टॉफी के रैपर (पन्नी) को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों द्वारा अभी तक तहरीर नहीं दी गई है।तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - आशुतोष सिंह-कोतवाल, कड़ाधाम