पिपरी कोतवाली के औधन गांव के बाहर निर्माणाधीन डेयरी फार्म में शुक्रवार रात सो रहे पूर्व प्रधान के पति की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बगल में सो रहे ग्रामीण ने शनिवार सुबह घटना की जानकारी दी, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जमीन के विवाद में वारदात की आशंका जताई जा रही है।
औधन गांव के मजरा फरीदपुर निवासी संगीता सिंह 2010 से 2015 तक गांव की प्रधान थीं। करीब दस साल से उनके पति बादाम सिंह (50) नेवादा गांव में मकान बनाकर परिवार के साथ रहते थे। उनके बेटे कपिल सिंह ने बताया कि पिता करीब पांच महीने से औधन गांव के बाहर यमुना नदी के पास सुनसान इलाके में खरीदी गई भूमि पर निजी डेयरी फार्म का निर्माण करा रहे थे। इधर अधिकतर समय वहीं रहकर काम की देखरेख करते थे।
शुक्रवार रात डेयरी फाॅर्म के अर्धनिर्मित कमरे में तख्त पर सो रहे थे। उसी कमरे में गांव का बुधराम भी सो रहा था। आधी रात के करीब हमलावरों ने सोते समय उनकी दाहिनी कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद भी बुधराम रात भर कमरे में ही मौजूद रहा और उसने किसी को जानकारी नहीं दी। सुबह गांव पहुंचकर उसने घटना की सूचना दी।
इसके बाद गांव के अयोध्या ने फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी, तब कहीं जाकर पुलिस तक मामला पहुंचा। पिपरी, सरायअकिल, कौशाम्बी और करारी थानों की फोर्स के साथ सीओ अभिषेक सिंह मौके पर पहुंचे। बाद में एसपी ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पूर्व प्रधान के पति की गोली मार कर हत्या की गई है। घटना के समय वहां मौजूद एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल पर पुलिस को कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं, जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
- राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक।
ड्रम में छिप कर बचाई जान, मिले खून के धब्बे
नेवादा। निर्माणाधीन डेयरी फार्म के जिस कमरे में पूर्व प्रधान के पति तख्त पर सो रहे थे, वहीं एक किनारे रखा ड्रम घटना का अहम सुराग बन गया है। जांच में ड्रम और दीवार पर खून के धब्बे मिले हैं। मौके से कारतूस, दो खोखे भी बरामद हुए हैं।
पूछताछ में साथ सो रहे बुधराम ने बताया कि हमलावरों के आने पर वह जान बचाने के लिए ड्रम में घुस गया था। इसी दौरान उसके हाथ में चोट भी लग गई। उसका कहना है कि बदमाश बादाम सिंह की हत्या करने के बाद बाहर से दरवाजे की कुंडी बंद कर फरार हो गए, जिससे वह पूरी रात कमरे में फंसा रहा। सुबह होने पर किसी तरह दीवार फांदकर गांव पहुंचा और लोगों को घटना की जानकारी दी।