आश्रम पद्धति विद्यालय भरसवां की छात्राएं भर पेट भोजन नहीं पा रही हैं। मेन्यू के हिसाब से तो भोजन उनको मिलता ही नहीं। खाना में लापरवाही तो हो ही रही है, छात्राओं के हिस्से का नाश्ता भी ठेकेदार डकार रहा है। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन ठेकेदार के रवैए में सुधार नहीं हुआ।
आश्रम पद्धति विद्यालय भरसवां में लगभग चार सौ छात्राएं पढ़ती हैं। आवासीय विद्यालय होने के कारण अधिकांश छात्राएं यहीं रुकती हैं। छात्राओं को भोजन देने के लिए एक ठेकेदार का चयन किया गया है। अभिभावकों व छात्राओं की शिकायत है कि ठेकेदार घटिया भोजन परोसता है। मेन्यू के हिसाब से कभी उनको भोजन नहीं मिलता है। इसके अलावा नाश्ता तो कभी मिलता ही नहीं। यदि वह विरोध करती हैं तो ठेकेदार डांटता है।
छात्राओं के एतराज जताने पर प्रिंसिपल ने भी इसकी जानकारी समाज कल्याण अधिकारी को दी थी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इससे ठेकेदार मनबढ़ होता जा रहा है। अभिभावकों ने बताया कि दर्जनों शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। ठेकेदार अधिकारियों के आवास में भी काम करता है। इसी का फायदा उठाकर वह मनमानी कर रहा है। कहा कि यदि यही सब चलता रहा तो किसी दिन छात्राएं सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगी। समाज कल्याण अधिकारी केके त्रिपाठी का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत अब तक उन्हें नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो जांच कराकर वह कार्रवाई करेंगे।