अपर जिला जज बृजेश कुमार यादव ने सोमवार को सात वर्षीय बालिका के साथ छेड़खानी के दोषी को पांच वर्ष के कठोर कैद की सजा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी को 25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
वादी अभियोजन के अनुसार सराय अकिल इलाके एक गांव में दो फरवरी 2017 की शाम करीब साढे पांच बजे वादिनी की सात वर्षीय बेटी शौच के लिए गांव के बाहर खेत की ओर गई थी। इस दौरान एक युवक ने बालिका के साथ छेड़खानी की थी।
मामले में बालिका की मां ने सरायअकिल कोतवाली में यूसुफपुर निवासी शहंशाह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचनात्मक कार्रवाई करते पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे का ट्रायल अपर जिला जज कोर्ट संख्या सात बृजेश कुमार यादव की कोर्ट में किया गया।
राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार मिश्र ने वादी, पीड़िता व चश्मदीद गवाह समेत कुल सात गवाहों को न्यायालय में पेश करके गवाही कराई। बहस करते हुए लोक अभियोजक ने दोषी पर अपराध साबित बताते हुए सजा सुनाने का अनुरोध किया।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने विवेचना की खामियों पर बल देते हुए आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त किए जाने की अपील की। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य को का मूल्यांकन करने के बाद सोमवार को कोर्ट ने दोषी के खिलाफ सजा सुनाई।
-
चाकू रखने के दोषी को 19 साल बाद हुई अर्थदंड की सजा
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को सैनी कोतवाली में दर्ज कमासिन निवासी फूलचंद्र को चाकू रखने के मामले में मामले में आरोप सिद्ध पाते हुए डेढ़ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह मुकदमा 2005 में दर्ज किया गया था। पुलिस की तरफ से आरोपी के खिलाफ कोई साक्ष्य व गवाह अदालत में प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने आरोपी के जुर्म स्वीकार करने पर अर्थदंड जमा करने का आदेश सुनाया।
-
मारपीट के दोषी को 15 वर्ष बाद अर्थदंड की सजा
सीजेएम दीपक कुमार जायसवाल ने मारपीट के दोषी को जुर्म कुबूल करने पर शुक्रवार को दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की रकम कोर्ट में नहीं जमा करने पर 20 दिवस के कारावास का प्रावधान किया गया है।
कोखराज थाना पुलिस ने वर्ष 2009 में हिसामपुर परसखी निवासी संतोष कुमार के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था। 15 वर्ष बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी के खिलाफ गवाह पेश नहीं कर पाई है। इससे परेशान होकर आरोपी ने शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार जायसवाल की अदालत में अपना जुर्म कबूल करके सजा सुनाने की अपील की।
इस पर कोर्ट ने आरोपी को दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। शाम तक आरोपी ने आदेशित धनराशि कोर्ट में जमा करा दी है।