जिले की पांच सड़कों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत फुल डेफ्थ रेक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से चमकाने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 36.22 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। खास बात यह कि तकनीक में नई गिट्टियों का प्रयोग नहीं होगा, बल्कि सड़क से निकलने वाली पुरानी गिट्टियों व अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।
जिले के कौशाम्बी क्षेत्र की मोहिद्दीनपुर खास से भैरवां संपर्क मार्ग, मंझनपुर क्षेत्र में रक्सवारा से बल्लोपुर संपर्क मार्ग, यूसुफपुर रारा चकसहनपुर संपर्क मार्ग और पवैया से मनीपुर संपर्क मार्ग बदहाल हैं। करीब 29 किमी लंबी इन पांच सड़कों की अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मरम्मत होनी है। केंद्र सरकार ने इन सड़कों के निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी है।
आरईडी इन सड़कों को बनवाएगा। इस तकनीक में पुरानी गिट्टियों व अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इनके निर्माण के लिए सिर्फ सीमेंट और एक रसायन बाहर से मंगाना पड़ता है। बाकी सामग्री पुरानी ही लगती है। ऐसे में इन सड़कों के निर्माण से पर्यावरण को क्षति नहीं पहुंचती। महकमे ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, काम शुरू होने में अभी एक महीने लग सकते हैं।
15 गांवों के लोगों को आवागमन में होगी सहूलियत
इन पांच सड़कों के बनने से करीब 15 गांवों के लोगों को सहूलियत मिलेगी। यूसुफपुर रारा के उमेश कुमार, मोहिद्दीनपुर के अशरफ अली, रक्सवारा के भगवानदीन ने बताया कि उनके गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग लगभग 10 साल से बदहाल है। आए दिन बाइक और साइकिल सवार फिसल कर गिर जाते हैं। सड़कें बनने से यह परेशानी दूर हो जाएगी।
शासन से पीएमजीएसवाई के तहत पांच सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी दी गई है। मई के शुरुआत में काम शुरू होने की उम्मीद है।
सौरभ चतुर्वेदी, एई, आरईडी