अपर जिला जज सप्तम शिरीन जैदी की अदालत ने शुक्रवार को आगजनी व किशोरी से छेड़खानी के आठ साल पुराने एक मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने घटना के दोषी सगे भाइयों समेत पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई। साथ ही 23-23 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वादी अभियोजन के अनुसार पश्चिमशरीरा इलाके की एक किशोरी के घर के पास गांव के ही खड्डू ने बंटाई पर खेत ले रखा था। खेत की रखवाली के लिए खड्डू के बेटे राजू व भानू कुरिया डाल कर वहीं रहते थे और आते-जाते किशोरी से छेड़खानी करते थे। 17 अप्रैल 2016 की दोपहर किशोरी पानी लेने हैंडपंप गई थी, तभी राजू , भानू, मलखान, फैजी व लवलेश उसके साथ अश्लील हरकत करने लगे।
चीखु-पकार सुन ग्रामीणों को जुटता देख आरोपी मौके से भाग निकले। इससे बौखलाकर पांचों आरोपियों ने रात करीब 11 बजे किशोरी के घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके घर में आग लगा दी। ग्रामीणों ने मशक्कत कर किसी तरह आग पर काबू पाया। तब जाकर किशोरी व उसकी छोटी बहन की जान बची।
तहरीर के बावजूद थाना पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर नामजद पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। मुकदमा अपर जिला जज कोर्ट संख्या सात शिरीन जैदी की अदालत में चला। एडीजीसी शशांक खरे ने पीड़िता समेत 6 लोगोंं की अदालत में गवाही कराई। दोनों ओर से की गई बहस व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया।