फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: सिटी स्कैन के पैनल रूम में लगी आग, नहीं हुईं जांचें

Sun, 03 Sep 2023 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
विज्ञापन
मंझनपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में सिटी स्कैन के पैनल कक्ष में शनिवार की सुबह आग लग गई। हर तरफ धुआं ही धुआं भरा तो वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सिटी स्कैन के साथ एक्सरे भी नहीं हो सका। करीब एक घंटे तक ओपीडी भी प्रभावित रही।
विज्ञापन


संयुक्त जिला चिकित्सालय के भूतल में ओपीडी हॉल के बगल में ही सिटी स्कैन कक्ष है। सिटी स्कैन कक्ष के सामने डिजीटल एक्सरे का रूम है। वहीं, सिटी स्कैन के पैनल का एक अलग से कक्ष बगल में बना हुआ है।
एक्सरे कक्ष के बाहर बरामदे में मरीजों की भीड़ लगी रही। इनमें से कुछ मरीज एक्सरे भी करा रहे थे। कम वोल्टेज के कारण सिटी स्कैन बंद था। कर्मचारी मरीजों के पर्चे जमा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक सिटी स्कैन के पैनल में आग लग गई। कर्मचारियों ने सभी मरीजों को वहां से हटाया। बड़ा हादसा न हो जाए, इसलिए ओपीडी भी बंद करा दी गई। सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला भी आ गए।
विज्ञापन

करीब आधे घंटे की मशक्कत से कर्मचारियों ने आग तो बुझा ली, लेकिन सिटी स्कैन नहीं हो सका। वहीं डिजिटल एक्सरे की जांच भी ठप रही। प्रतिदिन करीब 42 सिटी स्कैन और 45 एक्सरे होते हैं। हालात सामान्य होने के बाद अफसरों ने पहली मंजिल में बने कमरों से ओपीडी संचालित कराई। इस दौरान करीब एक घंटे तक मरीज इधर-उधर भटकते रहे। वहीं आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पहुंचे।


डॉक्टर को दिखाने की बारी आई तो मची खलबली
मंझनपुर। जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने के लिए शनिवार को करीब एक हजार मरीज आए थे। तमाम मरीज तो सुबह आठ बजे से ही लाइन लगाकर चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े रहे, लेकिन जब डॉक्टर के बैठने और इलाज कराने की बारी आई तो अग्निकांड से खलबली मच गई। मरीजों को वहां से हटाकर पहली मंजिल पर भेज दिया गया। घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों को फिर लाइन लगानी पड़ी।


संभवत: लो वोल्टेज की वजह से घटना हुई है। जिला अस्पताल में दो महीने से लो वोल्टेज की समस्या है। कई बार इस संबंध में विद्युत विभाग को पत्राचार किया गया। एक्सईएन व अन्य अभियंता स्थिति को देखने आए भी, लेकिन समस्या का हल अब तक नहीं हुआ। -डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें