चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के पूर्व चेयरमैन कैलाशचंद्र केसरवानी समेत सात लोगों के खिलाफ मकान पर कब्जा करने, साजिश रचने और धमकी देने का केस दर्ज किया गया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री जनता दरबार से राजदुलारी नाम की महिला का शिकायती पत्र उनके पास आया था, जिसमें आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश किया गया था। उसी के आधार पर पूर्व विधायक, पूर्व चेयरमैन समेत सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। - राजेश कुमार, एसपी कौशाम्बी
विधायक ने आरोपों को बताया निराधार
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भरवारी थाने में केस दर्ज होने के बाद विधायक ने स्पष्ट किया कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। मैं इस महिला को जानता तक नहीं हूं। वह आज तक मुझसे मिली भी नहीं है।मेरा इसमें दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। कहा कि यह भाई-भाई विवाद है। उनका आपस में विवाद चल रहा है। मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है। एफआईआर में सिर्फ नाम भर लिखा है, कोई आरोप नहीं लगाया गया है। यह वर्ष 2004 का मामला है उस समय मैं चेयरमैन भी नहीं था। राजनीतिक विरोधियों ने मेरी बढ़ती लोकप्रियता से घबरा कर यह एफआईआर कराई है। वह इनके खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे और मुकदमा भी दर्ज कराएंगे।