मंझनपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य के हस्तक्षेप के बाद पुलिस नाबालिग लड़की से दरिंदगी करने वाले आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा है।
कोतवाली इलाके के एक गांव की रहने वाली एक महिला का मायका पानीपत में (हरियाणा) हैं। महिला पिछले दिनों अपने दो बेटों के साथ मायके गई थी। घर में उसका पति अपनी मां व 12 वर्ष की बेटी के साथ था। आरोप है कि तीन मार्च को गांव के सुरेंद्र पुत्र प्रेमचंद्र ने बालिका के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर बालिका को जान से मारने की धमकी दी गई। पांच मार्च को घर पहुंची महिला से बेटी ने आपबीती बताई। इसपर उसने यूपी-100 को खबर की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उसे छोड़ दिया। महिला का कहना था कि उसके पति ने सुलह करने का दबाव बनाया। पति ने आरोपी से दस हजार रुपये ले भी लिया है। इस पर महिला ने वुमेन पावर हेल्प लाइन को खबर दी। हेल्प लाइन की टीम दो दिन तक महिला व उसकी बेटी को लेकर कोतवाली से लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं उनकी सुनी नहीं गई। रविवार को महिला बेटी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची, यहां आरोपी के साथ पहुंचे महिला के पति ने मां-बेटी पर जानलेवा हमला किया। इसकी शिकायत राज्य महिला आयोग की सदस्य ऊषा रानी से की गई। इनके निर्देश पर रविवार की देर शाम सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाल उदयवीर सिंह का कहना है कि महिला के पति व दादी ने लिखकर दिया है कि कोई घटना नहीं हुई है। फिलहाल मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।