सात जुलाई की रात मंझनपुर इलाके की एक किशोरी को अगवा कर गैंगरेप किया गया। किशोरी के अपहरण और रेपकांड में एक वर्ग विशेष के युवकों पर आरोप हैं। मामले में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर मंगलवार को महिला थाने पहुंचे विहिप कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पुलिस ने आरोपी युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इनकी तलाश पुलिस कर रही है।
मंझनपुर इलाके की रहने वाली 16 वर्षीय एक लड़की अपने माता-पिता के साथ फतेहपुर के थाना किशनपुर क्षेत्र के एक गांव में मौसी की शादी में शामिल होने 7 जुलाई को गई थी। रात में करीब नौ बजे मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र के कुंवरी पइंसा का रहने वाला एक युवक अपनी बोलेरो (चार पहिया गाड़ी) से वहां पहुंच गया। युवक ने मंझनपुर में किशोरी के घर के पास दुकान खोल रखी है।
जान पहचान होने की वजह से किशोरी उससे बात करने लगी। इस दौरान युवक ने अपने चालक के साथ मिलकर उसे अगवा कर लिया। विरोध करने पर उसने किशोरी की पिटाई कर दी। इससे वह जख्मी हो गई थी। रास्ते में किशोरी को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया गया। फिर रातभर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। होश आने के बाद किशोरी रोने बिलखने लगी। सुबह युवक किशोरी को उसके घर के पास फेंक गया। किशोरी के गायब होने पर परिजन उसकी तलाश करने लगे। सुबह पता चलने पर परिजन घर पहुंचे। इसके बाद किशोरी के पिता मंझनपुर थाने पहुंचे। वहां से उन्हें किशनपुर थाने भेज दिया गया।
पिता दोनों थाने का चक्कर काटते रहे। थकहार कर एसपी कौशाम्बी से शिकायत की। इसके बाद भी मंझनपुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई की। घटना की जानकारी होने पर विहिप के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संतोष तिवारी कार्यकर्ताओं के साथ महिला थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया तो पुलिस हरकत में आई। इसके बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष संतोष तिवारी ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा कि पुलिस ऐसे मामलों पर चुप्पी साधकर असंतोष को बढ़ावा दे रही है। हिंदू लड़कियों को बदनाम किया जा रहा है। कहा कि कुछ दिनों पूर्व विहिप मंत्री प्रदीप मिश्र पर हुए हमले में भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है।