मंझनपुर। कौशाम्बी में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी करने वाले दो और शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अब तक 17 अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। मामले में अभी भी आधा दर्जन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होना बाकी है।
जिले के अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में तैनात रहे 23 सहायक अध्यापकों की अध्यपाक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 का अंक पत्र फर्जी पाया गया था। इन सभी ने विभिन्न सत्रों में हुई भर्तियों में जालसाजी करके नौकरी हथियाई थी। इनमें से सर्वाधिक 16 शिक्षक 2013 में हुई 10800 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के शामिल हैं। चार ने 2014 में हुई दस हजार व तीन ने 2012 में 9770 पदों के सापेक्ष हुई भर्ती में जालसाजी की थी। जालसाजी के इस खेल का खुलासा होने पर तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अगस्त में सभी को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को स्थानीय थानों में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
इसी क्रम में कड़ा के एबीएसए अरविंद कुमार ने विकास खंड क्षेत्र में तैनात रहे शिक्षक प्रतापगढ़ जिले के कुंडा कोतवाली अंर्तगत उसरापुर गांव निवासी शिव कुमार और इलाहाबाद के बहरिया कोतवाली अंर्तगत जलाल उद्दीनपुर निवासी सतीश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस सैनी कोतवाली में दर्ज कराया है। अब तक पूरे मामले में 17 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ विभिन्न कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होना बाकी है।