क्षेत्र के कसेंदा गांव में बुखार के साथ शरीर पर छाले पड़ने से पीड़ित एक मासूम की बुधवार की रात मौत हो गई। इस बीमारी के बारे में लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, चिकित्सक इसे किसी दवा का रिएक्शन मान रहे हैं।
कसेंदा गांव निवासी मक्खन लाल खेती करते हैं। उनकी पांच वर्षीय बेटी विधि को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। किसान मक्खन लाल ने बताया कि क्षेत्र के ही एक निजी अस्पताल से बेटी इलाज चल रहा था। इसी बीच बेटी के शरीर पर में छोटे-छोटे छाले निकल आए। बुधवार की रात उसकी ज्यादा बिगड़ गई।
परिजन विधि को लेकर तिल्हापुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत के बाद उसके घर वाले रोने-बिलखने लगे। अस्पताल से शव लेकर लौटे परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया है।
सीएचसी चायल के अधीक्षक डाॅ. ललित सिंह ने इस मामले की जानकारी से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि हो सकता है किसी दवा के रिएक्शन के कारण ऐसा हुआ हो। एक टीम गांव भेजकर जांच कराई जाएगी।