मानव तस्करी के शक में पिता-पुत्री को पुलिस ने चटख धूप में खड़े रहने की सजा दी। छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये मांगे गए। बाद में गूगल-पे के जरिये एक बैंक खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराकर उन्हें छोड़ा गया। बुधवार को पूर्व विधायकों संग पीड़ित पिता ने एसपी से मिल मामले की शिकायत की है।
नगर पालिका भरवारी के बालाजी नगर निवासी वेद प्रकाश विश्वकर्मा भाजपा के शक्तिकेंद्र संयोजक हैं। आरोप है कि पिछले दिनों विपक्षी से सांठ-गांठ कर सघिंया पुलिस चौकी में उन्हें और बेटी को यातना दी गई। बताया कि उनकी बड़ी पुत्री प्रतीक्षा विश्वकर्मा लखनऊ में पीसीएस-जे की तैयारी कर रही है। उसकी पूर्व परिचित एक लड़की प्रीति उर्फ श्रद्धा पुत्री होरी लाल निवासिनी रामपुर सुहेला, थाना कोखराज का एक सप्ताह पहले फोन आया। जिसमें सहेली ने उससे कहा कि वह अपनी ससुराल से तंग आ गई है और आत्महत्या करने के लिए घर से निकल चुकी है।
प्रतीक्षा के काफी समझाने के बाद वह लखनऊ उसकी सहेली के घर पहुंची। इधर, प्रीति के पिता ने पुलिस से उसके व बेटी के खिलाफ मानव तस्करी करने की शिकायत कर दी। इसी बात पर पुलिस ने पिता-पुत्री को यातनाएं दीं। पीड़ित ने बुधवार शाम चायल के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता व सिराथू के पूर्व विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल के साथ एसपी से मिलकर मामले की शिकायत की। एसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वर्जन
प्रकरण संज्ञान में है। क्षेत्र की एक लड़की गायब हुई थी। इस संबंध में पुलिस ने पूछताछ के लिए पिता-पुत्री को बुलाया था। मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी तत्व सामने आएंगे, उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। बृजेश श्रीवास्तव, एसपी, कौशाम्बी