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Kaushambi News: चलता रहा सील किया गया अस्पताल, मरीज की मौत पर दोबारा फिर सील

Thu, 20 Jun 2024 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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नेवादा ब्लॉक के तिल्हापुर मोड़ स्थित अरमान हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर पिछले साल अप्रैल से बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा है। एक बार सील किया गया फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ा। स्वास्थ्य विभाग भी आखें मूंदे रहा। सोमवार की रात एक महिला की इलाज के दौरान मौत हुई तो स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। फिर जाकर सील कर दिया।
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अरमान हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर का पंजीकरण अप्रैल-2023 में ही समाप्त हो गया था।संचालक डॉ. निसार अहमद ने इसका नवीनीकरण नहीं कराया। करीब आठ महीने बिना पंजीकरण के अस्पताल चलता रहा। 31 जनवरी को डिप्टी सीएमओ डॉ. हिंद प्रकाश मणि जांच करने पहुंचे तो इसे सील कर दिया था। लेकिन अस्पताल संचालित होता रहा।
सोमवार को चायल कस्बे के गांधी नगर निवासी शंकरलाल पथरी के दर्द से पीड़ित अपनी पत्नी सुनीता को लेकर यहां पहुंचे। देर रात सुनीता की मौत हो गई तो मामले ने फिर तूल पकड़ा। प्रशासन के आदेश पर बुधवार को फिर डिप्टी सीएमओ डॉ. हिंद प्रकाश मणि दल-बल के साथ जांच करने पहुंचे। उन्हें अस्पताल में छह-सात मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए बैठे मिले। कुछ मरीज भर्ती थे। न तो पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज मिले और न ही एमबीबीएस डॉक्टर। बीएएमएस डॉ. निसार अहमद ही मौजूद थे।
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नियमानुसार बीएएमएस को इंजेक्शन लगाने और ड्रिप चढ़ाने की अनुमति नहीं है। फिर भी यह काम हो रहे थे। सीलिंग के बाद बिना पंजीकरण अस्पताल के संचालन में एफआईआर होनी चाहिए। सीएमओ भी इस बात को मानते हैं। लेकिन टीम सिर्फ दोबारा अस्पताल सील करके लौट आई। पुलिस में केस दर्ज ही नहीं कराया। मरीजों को सीएचसी सरायअकिल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस मंगाई गई थी, लेकिन एक भी मरीज सीएचसी जाने के लिए राजी नहीं हुआ। तीमारदार उन्हें अपने साथ लेकर घर चले गए।
वर्जन
अरमान हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर को पहले भी सील किया गया था। फिर भी बिना पंजीकरण के यह संचालित हो रहा था। बुधवार को ओपीडी के साथ आईपीडी में भी मरीज मिले। इस अस्पताल को फिर से सील किया गया है। अस्पताल में दरवाजे भी नहीं है। इसलिए सील लगाने में भी समस्या आई। एफआईआर का उच्चाधिकारियों का आदेश नहीं था।
- डॉ. हिंद प्रकाश मणि, डिप्टी सीएमओ
सील होने के बाद भी बिना पंजीकरण अस्पताल के संचालन पर एफआईआर भी हो सकती है। फिलहाल मैं एक मीटिंग में गया था। मामले में टीम ने क्या कार्रवाई की, जिला मुख्यालय पहुंच कर इस बारे में पता किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसमें कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
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- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ

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