प्रयागराज से कौशाम्बी फोरलेन सड़क निर्माण में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर किसानों में आक्रोश है। शुक्रवार को कोसम इनाम में होने वाली चौपाल में पीड़ित किसान डीएम को पत्र देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। किसानों का आरोप है कि कोसम इनाम में सड़क निर्माण में जिन काश्तकारों की जमीन ली गई है उनको छह महीने बाद भी मुआवजा नहीं मिला।
किसानों ने आरोप लगाया कि जिनकी जमीन सड़क निर्माण में नहीं ली गई, तत्कालीन हल्का लेखपाल कमलेश कुमार ने राजस्व विभाग व लोक निर्माण विभाग की मिलीभगत से उन्हें मुआवजा दिला दिया और प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृति के बाद दो दर्जन से अधिक जमीनों को गैर कृषि भूमि घोषित कर बड़े पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया।
शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम मधुसूदन हुल्गी ने टीम का गठन कर जांच कराई थी। अनियमितता सामने आने पर उन्होंने आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा राजस्व विभाग के दो अधिकारियों को भी कार्यालय संबद्ध कर दिया गया है। छह महीने का समय बीत जाने के बाद आज तक न तो पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया गया न ही घोटाले में शामिल दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
कोसम इनाम गांव के जयसिंह, पितांबर लाल, अमृतलाल, सीमा देवी, कल्पना सिंह, गोदान्ती, गोरेलाल, श्रवण कुमार, ननकू, केशव और देबियाइन सहित कई किसानों ने तय किया है कि आगामी 14 नवबंर को चौपाल में वे डीएम से न्याय की मांग करेंगे। प्रभावित किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण में उनकी उपजाऊ जमीन चली गई, परंतु मुआवजा दूसरे को दिया गया है। इससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर चौपाल में भी समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रदर्शन करेंगे। वे प्रशासन से पारदर्शी जांच कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने व सरकारी धन के करोड़ों के घोटालेबाजों से रिकवरी सहित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की मांग करेंगे।