पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। किसान सेवा केंद्र पश्चिमशरीरा में तीन महीने से ताला लटक रहा है। कार्यालय के भीतर संदिग्धदशा में हुई सचिव की मौत के बाद से ही सेवा केंद्र सीज है। इससे किसानों को खाद-बीज खरीदने और अपनी उपज बेचने के लिए भटकना पड़ रहा है। मामले में समिति के अध्यक्ष ने बताया कि कमेटी के साथ बैठक कर दूसरे सचिव की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है। फिर भी सचिव की नियुक्ति और सेवा केंद्र बहाल नहीं किया जा रहा है।
बता दें कि पश्चिमशरीरा किसान सेवा केंद्र में 30 मार्च 2015 की सुबह समिति के सचिव दिलीप पांडेय की संदिग्धदशा में मौत हो गई थी। सचिव का शव कार्यालय में ही फंदे से लटकता मिला था। जांच को गए अफसरों ने छानबीन के बाद किसान सेवा केंद्र सीज कर दिया था। इसके बाद से ही केंद्र में ताला लटक रहा है। पश्चिमशरीरा के किसान दिनेश यादव, सिद्धनारायण, पवन सिंह, हेमंत पांडेय, भोला नाथ, दिवाकर सिंह आदि ने बताया कि सेवा केन्द्र को गेहूं क्रय केन्द्र भी बनाया गया है। इससे जहां लोगों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं लोग खाद-बीज के लिए भी भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि इसी महीने के आखिरी सप्ताह से खरीफ की बुआई का समय हो जाएगा। मगर सेवा केंद्र का ताला नहीं खुलने से लोग चिंतित हैं। उधर समिति के अध्यक्ष प्रभात सिंह का कहना है कि उन्हाेंने दो महीने पहले ही समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके किसान सेवा केंद्र में नए सचिव की तैनाती का प्रस्ताव बनाकर एआर कोआपरेटिव को भेजा था। इसके बाद भी अब तक नए सचिव की नियुक्ति कर सेवाकेंद्र का संचालन शुरू नहीं कराया जा सका है।