चरवा में कूड़ा डालने को लेकर बवाल में दर्ज मामले के विरोध में प्रदर्शन करते किसान संगठन। संवाद
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नगर पंचायत चरवा के वार्ड नंबर नौ में तालाब में कूड़ा डंप किए जाने के विरोध में ईओ की ओर से स्थानीय लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके खिलाफ अब भारतीय किसान यूनियन (अंबावता गुट) के पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तालाब किनारे धरना-प्रदर्शन किया। मामले की जांच जिलाधिकारी से कराने, अधिशासी अधिकारी को हटाने और किसानों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की गई।
संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया कि चरवा नगर पंचायत के कर्मचारी विभिन्न वार्डों से एकत्र कूड़ा एमआरएफ सेंटर में डालने के बजाय तालाब में फेंक रहे हैं। इससे बीमारी फैल रही है। आसपास के 24 लोग बुखार से पीड़ित हैं।
रविवार दोपहर तालाब में कूड़ा फेंकने का विरोध करने पर सफाई कर्मियों ने मोहल्ले के लोगों के साथ गालीगलौज और मारपीट की। ईओ ने स्थानीय लोगों पर एफआईआर भी दर्ज कराई। इसके बाद रात करीब 12 बजे पुलिस ने तीन किसानों को घर से गिरफ्तार किया। सुबह उनका चालान न्यायालय भेजा गया। यह पूरी कार्रवाई किसानों और स्थानीय लोगों को परेशान करने के लिए की जा रही है। ताकि कोई आवाज न उठा सके। वहीं, एफआईआर दर्ज होने के बाद से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने न्याय की मांग की है।