रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से किसानों को बहुत सी उम्मीदें हैं। किसानों का मानना है कि खाद और बीज की लगातार बढ़ रही कीमतों में शायद इस बजट के बाद कुछ अंकुश लग सके और सब्सिडी भी बढ़ जाए तो आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा।
कुछ किसानों को इस बजट के बाद आमदनी बढ़ने, आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान और ॠण माफी की भी उम्मीदें हैं। शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने नेवादा क्षेत्र के कुछ किसानों से बातचीत की तो कुछ इसी तरह के सपनों के साकार होने की उम्मीद दिखी।
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किसानों की आर्थिक स्थिति तभी सुदृढ़ होगी जब सभी फसलों पर समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा मिल जायेगा। इस नियम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा और बिचौलिए शोषण भी नहीं कर पायेंगे। उम्मीद है कि शायद इस बार के बजट में सरकार की ओर से कुछ ऐसी व्यवस्था हो। -ओमनारायण त्रिपाठी, किसान
सरकार किसानों की आय दोगुनी होने का दावा करती है। लेकिन यह दावा हवा हवाई है। आय चवन्नी भी नहीं है, खाद और बीज की लगातार बढ़ी हुई कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ रखी है। उन्होंने कहा कि यदि इस बजट में किसानों के लिए खाद बीज में सब्सिडी बढ़ा दी जाए तो शायद स्थिति में कुछ सुधार होगा। - राजकुमार शुक्ल किसान
इस बजट में किसानों के लिए आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर, हार्वेस्टर जैसे कृषि यंत्रों पर अधिक अनुदान की व्यवस्था हो तो किसानों की स्थिति में सुधार आयेगा। उन्होंने उम्मीद जताया कि शायद इस बजट में किसानों का कृषि ॠण माफ होने और कम ब्याज दर पर ॠण उपलब्ध होने की व्यवस्था हो। -अनिल कुमार त्रिपाठी, किसान
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शायद इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। गांवों में ज्यादा से ज्यादा सरकारी नलकूप लगेंगे और नहरों के माध्यम से भी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रावधान किया जायेगा। - वरुण कुमार पांडेय, किसान
वरुण कुमार पांडेय किसान
वरुण कुमार पांडेय किसान
वरुण कुमार पांडेय किसान