केंद्रीय बजट को लेकर रविवार को किसानों और महिलाओं ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बजट से हर वर्ग को बड़ी उम्मीदें थीं। किसानों और महिलाओं को आस थी कि बजट में महंगाई पर नियंत्रण, गरीब किसान की आय बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन दोनों को निराशा ही हाथ लगी।
एलपीजी सिलिंडर से लेकर खाद्य सामग्रियों तक के दाम आसमान छू रहे हैं। सीमित आय वाले लोगों को घर चलाना मुश्किल हो रहा है। इस बजट में महंगाई पर अंकुश लगने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। आगे कुछ हालत में सुधार हो जाए तो कुछ कहा नहीं जा सकता।
-विमला देवी, तिल्हापुर
सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में तो महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। लेकिन, सबसे बड़ी मुसीबत महंगाई है। बजट में उससे राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है। सोने-चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं। इस ओर सरकार का ध्यान नहीं है। - प्रियंका मिश्रा सुधवर
कृषि लागत पर नियंत्रण और उपज का वाजिब दाम मिलने से ही किसानों को राहत मिलती है। लेकिन, बजट में दोनों से मायूसी हाथ लगी। बजट में किसानों के लिए सिर्फ कोरे वादे हैं। इस बजट से किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी कहीं नजर नहीं आ रही है। - विजय बहादुर सिंह, किसान हसनपुर
बजट में किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि की रकम बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार खेती से किसानों की आय दोगुनी होने का दावा करती है लेकिन हकीकत में किसान को लागत निकाल पाना भी मुश्किल होता है। खाद, बीज पर सब्सिडी बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भोला शुक्ल, किसान मीरापुर गंधोई
भोला शुक्ल
भोला शुक्ल
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