कोतवाली के भेलखा गांव में मंगलवार रात फसल की सिंचाई करने गए किसान पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। अस्पताल में दो घंटे बाद किसान ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बेटे की तहरीर पर अज्ञात कातिलों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भेलखा निवासी 55 वर्षीय प्रेमचंद्र खेती करते थे। गांव के ही सुल्तान के नलकूप से वह धान के फसल की सिंचाई करने के लिए वह सोमवार की रात खेत की तरफ गए थे। बेटा अरविंद ने बताया कि नलकूप पर ही पिता प्रेमचंद्र सो गए। आशंका जताई कि इस दौरान अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया।
हमले से प्रेमचंद्र के सिर व पैर में गंभीर चोटें आईं। पूरी रात प्रेमचंद्र कराहते पड़े रहे। बुधवार सुबह करीब पांच बजे कुछ लोग नलकूप की ओर गए और खून से लथपथ प्रेमचंद्र को तड़पते देखा तो परिजनों को जानकारी दी। रोेते-बिलखते परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। प्रेमचंद्र को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान करीब दो घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने परिजनों से पूछताछ व घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से मिली एक जोड़ी स्लीपर कब्जे में ली है। स्लीपर किसकी है, इसकी भी जांच की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि कातिलों के बारे में परिजन फिलहाल कुछ नहीं बता पा रहे हैं। बेटे अरविंद की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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बदमाशों की करतूत पर टिकी जांच की सुई
प्रेमचंद्र की हत्या में परिजन भले ही कातिलों के बारे में कुछ न बता पा रहे हों, लेकिन पुलिस पुरानी रंजिश व बदमाशों की करतूत को वजह मानकर जांच कर रही है। गांव की एक महिला से संबंधों को लेकर मृतक के भतीजे का विवाद पर चर्चा आम है। साथ ही बीते कई दिनों से क्षेत्र में बदमाशों की चहलकदमी को भी हत्या की वजह के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का दावा भी है कि जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
मंझनपुर के कई गांवों में सप्ताह भर से बदमाशों की चहलकदमी से लोग परेशान हैं। सोमवार की रात सैंबसा गांव में बदमाशोें ने मनीष सिंह की पत्नी व साली को तमंचे के बल पर बंधक बनाते हुए लूटपाट कर करीब 15 लाख रुपये का सामान समेट ले गए थे। इसके पहले कुलौली गांव में भी दर्जन भर से अधिक बदमाशों को ग्रामीणों ने कई बार देखा। इसे लेकर लोगों ने सोमवार को एसपी से भी गुहार लगाई थी, लेकिन अनदेखा किया जा रहा है। वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि घटना के खुलासा के लिए मंझनपुर पुलिस के अलावा एसओजी टीम को भी निर्देशित किया गया है।