मंझनपुर वन रेंज के बरौला गांव में निजी भूमि पर सूखा पेड़ काटना एक किसान को महंगा पड़ गया। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए किसान से 10 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला है।
बरौला गांव निवासी वीरेंद्र पुत्र होरीलाल अपने खेत में लगे सूखे नीम के पेड़ को बुधवार को काट रहे थे। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसान से पेड़ काटने संबंधी अनुमति पत्र मांगा, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
हालांकि किसान ने बताया कि उन्हें संबंधित नियमों की जानकारी नहीं थी, जबकि वन विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की। वहीं क्षेत्रीय वन कर्मियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर रेंजर मंझनपुर ने किसान पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
रेंजर राज कैथवाल ने बताया कि बिना अनुमति किसी भी पेड़ को काटना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी नहीं होने पर भी दंड से बचाव संभव नहीं है।