न्यायालय परिसर में निर्माणाधीन परिवार न्यायालय भवन। स्रोत- वकील
जनपद न्यायालय परिसर में करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से परिवार न्यायालय का नया भवन बनाया जा रहा है। प्रस्तावित भवन में चार कोर्ट कक्ष और एक आधुनिक मेडिएशन सेंटर भी रहेगा। इसके तैयार होने से पारिवारिक वादों के निस्तारण में तेजी आएगी और न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
परिवार न्यायालय का संचालन वर्तमान में ब्लॉक परिसर में हो रहा है। यहां केवल एक कोर्ट के माध्यम से ही कार्रवाई होती है। इससे मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा था और निस्तारण में काफी देरी हो रही थी। इसके अलावा न्यायालय परिसर से दूरी होने के कारण अधिवक्ताओं और वादकारियों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नया भवन न्यायालय परिसर के भीतर होने से आने-जाने की समस्या समाप्त हो जाएगी।
चार कोर्ट कक्षों के उपलब्ध होने पर लंबित वादों की सुनवाई गति पकड़ेगी। जबकि मेडिएशन सेंटर के माध्यम से आपसी सहमति से होने वाले निस्तारण में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इससे न्यायिक कार्यप्रणाली अधिक सरल और प्रभावी होगी।
बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अंकित त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से परिवार न्यायालय के दूर स्थित होने से परेशानी होती थी। नया भवन अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नर नारायण मिश्रा ने कहा कि नए भवन और मेडिएशन सेंटर से जनपद की न्यायिक संरचना मजबूत होगी तथा लंबित वादों का बोझ कम होने में मदद मिलेगी।