प्रयागराज के पूरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के बिहिका गांव निवासी धारा सिंह केशरवानी ने पटाखा फैक्टरी के बगल में बूंदा बनाने का कारखाना लगा रखा है। सोमवार को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट की चपेट में आने से कारखाना पूरी तरह जमींदोज हो गया।
हादसे के कारण कारखाने में काम कर रहे दो श्रमिकों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें देर रात तक बाहर नहीं निकाला जा सका।
धारासिंह के मुताबिक, सोमवार सुबह वह साझिया गांव निवासी श्रमिक श्याम और मिस्त्री मुन्ना के साथ कारखाने में बूंदी तैयार कर रहे थे। करीब साढ़े दस बजे तैयार बूंदी को गाड़ी में लादकर वह अपने घर बिहिका चले गए। करीब आधे घंटे बाद लगभग 11 बजे पटाखा फैक्टरी में जोरदार विस्फोट हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस और राहत-बचाव दल ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। देर रात तक दोनों श्रमिकों की तलाश जारी रही।