सूबे के कृषि, कृषि शिक्षा व कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें लगातार किसान हित में फैसले ले रही हैं। किसानों का शोषण रोकने के लिए डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था की गई। कहा कि विपक्ष किसानों के विरोध में काम कर रहा है। नए कृषि कानून को लेकर विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा विरोध इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
यह बातें कृषि मंत्री ने बृहस्पतिवार को नवीन मंडी परिसर भरवारी में एक हजार एमटी की क्षमता वाले नवनिर्मित बीज गोदाम के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के वीजीआरआई योजना के तहत 74.53 लाख की लागत से बीज गोदाम का निर्माण कराया गया है। उपज का बेहतर मूल्य नहीं मिलने की स्थिति में किसान अपना अनाज एक महीने तक बिना किसी शुल्क के गोदाम में रख सकेंगे। इस किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं में डिजिटल पेमेंट के कारण कृषकों का शोषण समाप्त हुआ है।
किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए कृषि यंत्रों व अन्य समस्त कृषि निवेशों पर पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर अनुदान दिया जा रहा है। इससे कृषकों को बिना किसी पक्षपात के सीधे लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों के बारे में कहा कि नए कानून के जरिए किसानों को 46 जींसो को मंडी शुल्क से मुक्त करने के साथ ही मंडी के अतिरिक्त अन्य बाजारों का विकल्प उपलब्ध कराकर उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया गया है। 2013 में कांग्रेस की सरकार में धान का एमएसपी रेट 1310 था।
जो 2020 में भाजपा सरकार ने बढ़ाकर 1868 रुपये कर दिया। मंझनपुर में 80 लाख की लागत से कृषि कल्याण केंद्र किसानों के लिए बनाया गया है। जल्द ही सिराथू क्षेत्र में भी कृषि कल्याण केंद्र बनाया जाएगा। इस मौके पर सांसद विनोद सोनकर, विधायक सिराथू शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, विधायक चायल संजय कुमार गुप्ता, विधायक सदर लाल बहादुर, सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, एडीएम मनोज, उप कृषि निदेशक उदयभान गौतम, भाजपा के जिला महामंत्री संजय जायसवाल, अशोक केसरवानी, दीपचंद दिवाकर, कविता केसरवानी, ज्योति केसरवानी, प्रतिभा कुशवाहा, शेखर पांडेय, दीपक पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने 15 किसानों को कृषि यंत्र वितरित किया।
इन्हें मिला कृषि यंत्र
मंझनपुर। कमला देवी-लोधन का पुरवा, किशन सिंह-इब्राहिमपुर नौगीरा, राम भवन-रक्सौली सरसावा, रामदीन- बाकरगंज, राम सुफल-महेंद्रपुर, भोलानाथ कुशवाहा- कूरा सरायअकिल, बलराम सिंह-सरसवां, सूर्यभान-कोरीपुर, तरुण कुमार तिवारी-अमिरसा, सत्यनारायण-गोबरसहाई, बलराम सिंह-धरमपुर, चंद्रशेखर-रानीपुर, बच्चू लाल सिंह- धरमपुर, दौलतराम-चकसहानपुर, राम सजीवन-अमीना।
exploitation of farmers sttoped by digital payment: srya pratap shahi- फोटो : KAUSHAMBI