कंपोजिट विद्यालय हाजीपुर पतौना की टूटी दीवार। संवाद
- फोटो : poni news
शासन के करोड़ों रुपये खर्च होने और कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक स्वरूप देने के दावे के बावजूद नगर पालिका क्षेत्र के विद्यालय बदहाली की कगार पर हैं। सालों से चल रहा इंतजार अब बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए कष्टदायक हो चुका है। शिक्षकों का दावा है कि इसके लिए दो से तीन साल से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। वहीं अधिकारी बजट समेत अन्य बातों को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र के लगभग 40 स्कूलों में कई विद्यालय गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय बंधवा राजबर की दीवार टूटी है और शौचालय जर्जर अवस्था में है। कंपोजिट विद्यालय पतौना की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। स्कूल की दीवार टूटी और शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं।
महुंआ खड़ा स्कूल का भवन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। यहां के बच्चों को सेहिया जाकर पढ़ना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय नेम का पूरा में केवल दो कमरे हैं। इनमें एक से पांच तक की सभी कक्षाओं का संचालन होता है। ओसा प्राथमिक विद्यालय में भवन ही नहीं है। बच्चे ओसा द्वितीय में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। डूंडीबाग विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं है।
मंझनपुर द्वितीय स्कूल का भवन जर्जर होकर गिर गया है। अब कक्षाएं गांधी नगर स्कूल में संचालित हो रही हैं। शिक्षक ओमदत्त त्रिपाठी ने बताया कि इस संबंध में प्रत्येक सत्र व उसके बाद हर तिमाही में रिपोर्ट मांगी जा रही है। करीब दो साल से रिपोर्ट दी जा रही है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही है। सिर्फ आश्वासन मिला।
-नए भवन के निर्माण के लिए बजट की मांग की गई है। जैसे ही बजट मिलता है, भवन निर्माण हो जाएगा। चहारदीवारी निर्माण की जिम्मेदारी नगर पालिका ही है। शौचालय समेत अन्य छोटे कार्य एसएमसी की बैठक कर स्कूल को कराना है। एक बार फिर से रिपोर्ट ली जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। - बीरेंद्र कुमार, डीसी निर्माण