भरवारी को जाम से बाईपास भी नहीं दिला सका छुटकारा
ट्रैफिक पुलिस की उदासीनता से हर दिन लग रहा लंबा जाम
रोक के बाद भी डग्गामार बसें भरवारी के रास्ते जाती हैं प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवारी। भरवारी में जाम की समस्या लाइलाज होती जा रही है। कस्बे के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन अब यातायात पुलिस की उदासीनता से फिर जाम लग रहा है। रोक के बाद भी डग्गामार बसों का संचालन और सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन जाम का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
मंझनपुर से प्रयागराज जाने वाले मार्ग में भरवारी कस्बा पड़ता है। कस्बे के अंदर से ही दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन गुजरी है। ट्रेनों के आवागमन के कारण अक्सर कई-कई घंटे तक रेलवे फाटक बंद रखा जाता था। इससे प्रयागराज की दूरी जो डेढ़ में होती है उसे पूरा करने में ढाई घंटे के करीब लग जाता था। कस्बे के लोगों की मांग पर वर्ष 2017-18 में रोही के पास से बाईपास बनाया गया। भारी वाहनों को बाईपास से गुजारा जाने लगा। रोडवेज की बसें भी बाईपास से प्रयागराज जाती हैं। इसके बाद भी भरवारी कस्बा अभी पूरी तरह से जाम के शिकंजे से बाहर नहीं निकल पाया है। दोपहर के वक्त दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का संचालन बढ़ जाता है। इसकी वजह से गौरा रोड, मंझनपुर और मूरतगंज मार्ग पर लंबा जाम लग जाता है।
कस्बे में लोगों ने अपने आवासीय भवन के सामने दुकानें बना रखी हैं। दुकानों के सामने अक्सर लोग अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। इसकी वजह से कारोबारियों के यहां ग्राहक पहुंचने में दिक्कत होती है। इसी को लेकर अक्सर कारोबारियों और वाहन खड़ा करने वालों के बीच झिकझिक होती है।
जिले के प्रमुख कॉलेज और दफ्तर से भी रहती है भीड़ भरवारी। कस्बे में छह राष्ट्रीयकृत बैंक, आयकर विभाग, बाटमाप कार्यालय के अलावा कई कॉन्वेंट और डिग्री कॉलेज हैं। कस्बे में बुधवार व शनिवार को साप्ताहिक बाजार भी लगती है। इसकी वजह से कस्बे में काफी भीड़ रहती है। ऊपर से सबसे बड़ी समस्या सड़क किनारे खड़े बेतरतीब वाहनों के खड़ा होने से होती है। सब कुछ जानने के बाद भी यातायात विभाग के कर्मचारी जाम लगने के बाद भी तमाशबीन बने रहते हैं। संवाद
भरवारी के लोगों को बस से सफर करने के लिए मंझनपुर रोड के परसरा, रोही या फिर कोखराज जाना होता है। इसकी वजह से कस्बे में ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। रिक्शा चालकों की वजह से अक्सर जाम लगा रहता है।-मकबूल अली, कपड़ा कारोबारी
दोपहर में जब स्कूलों की छुट्टी हो जाती, उस समय कई स्कूली बसें बच्चों को लेकर रेलवे फाटक क्रास करने को पहुंचती है। ई रिक्शा और टेंपो चालक अड़ा तिरछा वाहन खड़ा रखते हैं। इसकी वजह से जाम लग रहा है।- अजय सेन, भरवारी
भरवारी में रेलवे फाटक के पास पूरे दिन जाम की समस्या रहती है। स्कूल के समय लंबा जाम लग जाता है। यातायात विभाग के सिपाही और होमगार्ड मौजूद रहते हैं, लेकिन जाम खुलवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जाता।-जितेंद्र प्रताप सिंह, भरवारी
रोही से बाईपास बनने से उम्मीद जगी थी कि जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। अब कस्बे में भारी वाहन तो नहीं आते, लेकिन उनकी जगह ई-रिक्शा और टेंपो चालकों ने ले ली। इसकी वजह से लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।-नीरज कौशल, व्यापारी
भरवारी में टेंपो और ई-रिक्शा चालकों के लिए दो स्थान निर्धारित हैं। इसके बाद भी वाहन चालक निर्धारित स्थल से मुसाफिरों को नहीं बैठा रहे हैं तो गलत है। पुलिस के सहयोग से मनमानी करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।-शैलेंद्र मिश्रा, ईओ नगर पालिका भरवारी