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Kaushambi News: चयन के ढाई माह बाद भी बीडीओ दबाए हैं पत्रावली

Fri, 28 Nov 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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गांव की खुली बैठक में कोटे की दुकान चयन को लेकर प्रस्ताव तैयार करते अ​धिकारी। फाइल फोटो
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कनैली। कौशाम्बी ब्लॉक के अवाना आलमपुर गांव में कोटे की दुकान के चयन को करीब ढाई माह बीत जाने के बाद भी बीडीओ ने पत्रावली पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसी कारण चयन प्रक्रिया पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी है। गांव के लोगों को आज भी ढाई किलोमीटर दूर भटवरिया गांव से राशन लाना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को डीएम से मिलकर अपनी समस्या बताई और पारित प्रस्ताव के आधार पर चयन प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की।
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अवाना आलमपुर गांव में कोटे की दुकान लगभग तीन माह पहले निलंबित कर दी गई थी। ग्रामीणों ने कोटेदार पर घटतौली का आरोप लगाया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अधिकारियों ने दुकान को निलंबित कर दिया था।
कोटेदार द्वारा उचित जवाब न देने पर दुकान निरस्त कर दी गई और नई दुकान के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके लिए अधिकारियों की तीन बार अलग-अलग टीमें गांव में पहुंचीं। पहली बार नायब तहसीलदार मधु जैन के नेतृत्व में चयन प्रक्रिया कराई गई, लेकिन ग्रामीणों के आपसी विवाद के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
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इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय ने दूसरी टीम को जिम्मेदारी दी। चार सितंबर को अधिकारियों ने दूसरी बार चयन बैठक की। बैठक में पहले स्वयं सहायता समूह को दुकान देने का प्रस्ताव हुआ, लेकिन मानक पूरे न होने पर आम लोगों में से चयन पर सहमति बनी। बैठक में राधा देवी पत्नी राम भवन का नाम का चयन किया गया।
चयन टीम में शामिल सहायक विकास अधिकारी, एडीओ आईएसबी व पंचायत सचिव ने सहमति बनाते हुए पत्रावली बीडीओ कौशाम्बी को भेज दी। अब ढाई माह बीत चुके हैं। लेकिन, बीडीओ ने पत्रावली पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इससे चयन प्रक्रिया अधर में है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर चयन प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।


गांव में कोटे की दुकान के चयन के लिए अधिकारियों ने बैठक की थी, लेकिन ढाई माह से नई दुकान आवंटन नहीं हुआ। गांव के लोग परेशान हैं। -राम भवन, ग्रामीण


दो से ढाई किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना बहुत कठिन होता है। पहले गांव में दुकान थी, समय से राशन मिल जाता था। अब आने-जाने में ही पूरा दिन लग जाता है। -शारदा प्रसाद, ग्रामीण



- कोटे की दुकान के चयन में स्वयं सहायता समूह को नहीं, बल्कि समूह के एक सदस्य को प्राथमिकता दी गई है। इस कारण पत्रावली लंबित है। जल्द निर्णय लिया जाएगा। - मनोज कुमार वर्मा, प्रभारी बीडीओ, कौशाम्बी

गांव की खुली बैठक में कोटे की दुकान चयन को लेकर प्रस्ताव तैयार करते अधिकारी। फाइल फोटो

गांव की खुली बैठक में कोटे की दुकान चयन को लेकर प्रस्ताव तैयार करते अधिकारी। फाइल फोटो

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