पश्चिमशरीरा। सरसवां ब्लॉक की 11 ग्राम पंचायत 17 अप्रैल से ही सचिव विहीन हैं। सचिवों की तैनाती नहीं होने से गांवों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इन गांव के प्रधान व ग्रामीण अधिकारियों से लगातार पंचायत के कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए सचिव की तैनाती की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी अब तक किसी की तैनाती नहीं हुई।
सरसवां ब्लॉक के उमरवां गांव में तैनात सचिव राजीव पाल व अमित सिंह पर 10 लाख रुपये बिना काम कराए ही निकालने का आरोप लगा। इस पर डीएम ने 17 अप्रैल को दोनों को निलंबित करने का निर्देश दिया। डीएपीआरओ ने इनको निलंबित कर दिया। लेकिन, उनकी जगह किसी अन्य सचिव की तैनाती नहीं हुई। इससे चार कल्स्टर के गांव बैरमपुर, रक्सौली, उनों, अलवारा, कोलुहा, बरौला समेत 11 गांवों के विकास कार्यों में ब्रेक लग गया। यहां के लोग जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर व मनरेगा के कार्यों के भुगतान के लिए परेशान हैं।
गांव के हैंडपंप की भी मरम्मत समेत प्रधानों के द्वारा कराए गए विकास कार्य, पंचायत सहायक, केयर टेकर का मानदेय भुगतान आदि जैसे जरूरी काम नहीं हो पा रहे हैं।
रक्सौली गांव के सुनीता देवी ने बताया कि पति की मृत्यु हो गई है। इनको मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दो महीने से परेशान होना पड़ रहा है। ब्लॉक व पंचायत भवन का चक्कर काटने में समय बीत रहा है।
बैरमपुर के रामबली ने बताया कि गांव की सड़क निर्माण में कार्य किया था। अभी तक मजदूरी शेष है। वहीं ब्लॉक का दावा है कि आठ दिन पहले सचिवों की तैनाती के लिए एडीओ पंचायत मार्तंड सिंह ने प्रस्ताव बनाकर डीपीआरओ कार्यालय भेजा है। इसके बावजूद अभी तक 11 गांव में सचिव की तैनाती नहीं की जा सकी।