कोखराज कोतवाली से महज 200 मीटर दूर घर में घुसकर बालक के गले पर हंसिया रखकर लूटपाट की घटना का पुलिस 25 दिन बाद भी खुलासा नहीं कर सकी। घटना का खुलासा न होने से पीड़ित परिवार डरा सहमा है।
कोखराज के मनीष जायसवाल का घर कोतवाली से महज 200 मीटर दूर है। वह घर के निचले हिस्से में आटा चक्की चलाते हैं। दूसरी मंजिल पर बने कमरे में वह पत्नी पूजा व आठ वर्षीय बेटा उत्कर्ष के साथ रहते हैं। तीन अगस्त की रात सभी खाना खाकर सो गए। रात करीब दो बजे पांच नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे और सीढ़ी से उतरकर कमरे में आ गए।
बदमाशों ने मनीष जायसवाल की कनपटी पर तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर बदमाशों ने उनकी पिटाई की। फिर बेटे उत्कर्ष के गले पर हंसिया रखकर उसकी हत्या करने की धमकी देते हुए सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने करीब आधे घंटे तक घर को खंगाला।
आलमारी व बॉक्स में रखे करीब 90 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर व नए कपड़े सहित करीब पांच लाख रुपये का सामान लूट ले गए। बदमाशों के जाने के बाद दहशतजदा मनीष ने पड़ोस के लोगों को फोन पर घटना की जानकारी दी। सूचना पर कोखराज पुलिस व एएसपी राजेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण के बाद मनीष और उनके परिजनों से पूछताछ कर घटना का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया था।
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि घटना को लेकर पुलिस लगातार साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। बहुत हद तक सफलता के निकट हैं। जल्द ही इसका भी खुलासा होगा।