पुरानी पेंशन की बहाली के लिए बृहस्पतिवार को कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय में पैदल मार्च निकाला। शिक्षकों व कर्मचारियों ने मतदाता जागरूकता के साथ पुरानी पेंशन के लिए अभियान चलाने की शपथ ली। सफाई कर्मचारियों ने भी अभियान में हिस्सा लिया।
पेंशन मार्च से पूर्व डायट मैदान में सभा करते हुए अटेवा के जिला संयोजक कुशल सिंह ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जब सांसद थे उस दौरान कर्मचारियों के समर्थन में पेंशन दिए जाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था।
अब उन्हें पेंशन देना है तो अपनी ही बात भूल गए। कर्मचारी निजीकरण समाप्ति और पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
जिला मंत्री रमेशचंद्र सेन ने कहा कि कर्मचारी की 35-40 साल सेवा के बाद भी पेंशन नहीं दी जा रही है। जबकि, सांसदों व विधायकों को कम अवधि की सेवा में भी पेंशन दी जाती है, यह एक छलावा है।
जिला महामंत्री सतीश शर्मा ने बताया कि 28 जनवरी को ट्विटर अभियान व चार फरवरी को लखनऊ में रन फॉर ओपीएस अभियान चलेगा।
कार्यक्रम के दौरान ही उप्र ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष राजकपूर ने साथी कर्मचारियों के साथ अभियान में शामिल होकर अपना समर्थन दिया। इसके बाद शपथ लेकर नारे बाजी करते हुए कर्मचारियों ने मार्च निकाला।
इस मौके पर धीरज सिंह, राजेंद्र सिंह, नयन सिंह, विनोद यादव, इकबाल अली, कर्ण सिंह, आशीष कुमार सिंह, अंकित श्रीवास्तव, रामू सिंह, यतेंद्र सिंह, संदीप कुमार चौधरी, भार्गव यादव, पंकज सिंह, रचना सिंह आदि कर्मचारी मौजूद रहे।