खेल की दुनिया से युवाओं को परिचित कराने के लिए राज ने गांव के एक बाग को खेल का मैदान बना दिया। इसके बाद प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। इंटर पास राज 40 से अधिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। राज उनकी दिनचर्या के साथ खाने-पीने का मेन्यू तक निर्धारित करते हैं।
गोली, पतंग, गुल्ली-डंडा आदि खेलों में समय गंवाने वाले गांव के किशोरों को खेल की दुनिया से जोड़ने के जज्बे के साथ जुगराजपुर के राज पांडेय उन्हें खेल की बारीकियां बता रहे हैं। आठ बरस से लेकर 16 बरस तक के किशोरों को राज पांडेय कबड्डी, कुश्ती, लंबी कूद, ऊंची कूद, जैवलिन, हैमर थ्रो, डिस्कस थ्रो तथा दौड़ का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
बीते छह वर्ष से खेलों से जुड़े राज दो बार कबड्डी में जिला चैंपियन रहेे। उन्हें वर्ष 2021 में मंडलीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिला था, लेकिन वह आर्थिक कारणों से नहीं शामिल हो सके। अब वह गांव के किशोरों के माध्यम से अपना सपना पूरा करने की आस देख रहे हैं।
राज किशोरों को उठाने, खेलने के लिए जागरूक करने सहित पोषक तत्वों के आधार पर उनके लिए खाने-पीने का मेन्यू भी निर्धारित करते हैं।
अभिषेक गौतम कहते हैं, खेल के लिए केवल विद्यालय का ही सहारा था। अब राज ने खेल की बारिकयां बतानी शुरू की हैं, इससे खेल में निखार आ रहा है।
वहीं, आजाद द्विवेदी कहते हैं, कबड्डी में रुचि है। यहां खेल से जुड़ी हर जानकारी सहित बेहतर प्रशिक्षण भी मिल रहा है। ऐसे में अब खेल में भविष्य दिख रहा है।
तिलक इंटर काॅलेज के पीटीआई को माना आदर्श
कनैली के तिलक इंटर कॉलेज से राज पांडेय ने 12वीं तक की पढ़ाई की है। यहां पढ़ते हुए कई खेल सीखे, लेकिन कबड्डी उनका पसंदीदा खेल रहा है। दो बार जिला चैपिंयन भी रहे। तिलक इंटर कॉलेज के खेल शिक्षक सतीश चौधरी राज के प्रेरणास्रोत रहे हैं।
जुगराजपुर गांव में खेल मैदान में प्रशिक्षण लेता खिलाड़ी। संवाद