एक तो भीषण गर्मी ऊपर से बिजली संकट। इन दो समस्याओं ने कौशाम्बी के 83 गांवों की करीब दो लाख आबादी का जीना दुश्वार कर दिया है। बिजली आपूर्ति का रोस्टर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। 24 घंटे में पांच से छह घंटे ही बिजली ही मिल पा रही है। दिन में लाइन फाॅल्ट में रहती हैं तो रात में आपात कटौती हो रही है।
मंगलवार को भी कई स्थानों पर लाइनों में खराबी की वजह से बिजली गुल रही। गर्मी के इस मौसम में बिजली कटौती लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बिन बिजली लोग बेहाल हैं।
गोपसहसा उपकेंद्र से क्षेत्र के सभी 83 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। बीते करीब 15 दिन से यहां बिजली का संकट बना है। जिसकी वजह से दो लाख आबादी परेशान है। लाइन फॉल्ट रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को लाला का पुरवा गांव के पास लो-टेंशन लाइन का तार टूट गया। ट्रांसफाॅर्मर की केबल भी जल गई। इस वजह से डेढ़ घंटे गांव में बिजली गुल रही।
इसी तरह देर शाम जुगराजपुर में जल निगम फीडर का तार टूट कर गिर गया, जिसकी वजह से कई गांवों की बत्ती गुल हो गई। महिला गांव में लगा ट्रांसफाॅर्मर सोमवार को फुंक गया था। पूरी रात गांव के 100 घरों में अंधेरा रहा। मंगलवार को ट्रांसफाॅर्मर बदला गया। ढेकहाई के दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश है। जबकि, यहां सिर्फ पांच से छह घंटे बिजली ही मिल रही है।
दिन में लाइनों में फाॅल्ट के नाम पर आपूर्ति बंद रहती है। रात में इमरजेंसी रोस्टिंग बताकर बिजली काट दी जाती है। कनैली के शिवबाबू का कहना है कि बमुश्किल पांच से छह घंटे बिजली मिल रही है। भीषण गर्मी में बिजली संकट ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गर्मी के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। धरमपुर के संतोष ने बताया कि बिजली कटौती के कारण खेती का काम प्रभावित हो रहा है। बिजली विभाग भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पा रहा है।
सिंचाई के लिए खुद का नलकूप है। फिर भी धान की रोपाई नहीं कर पा रहा हूं। बिजली आने का कोई समय नहीं है। पांच से छह घंटे आपूर्ति मिलती है। वह भी टुकड़ों-टुकड़ों में। इससे काम नहीं चल रहा है।
गरीब नेवाज पुष्कर मिश्रा, मेड़रहा
भीषण गर्मी में बिजली कटौती ने हर वर्ग के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। फिर भी महकमा गंभीर नहीं है।
नवल सिंह, महंगूपुर
ओवरलोड के चलते लाइनों में फाॅल्ट ज्यादा हो रहा है। इसकी वजह से बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। स्थानीय स्तर से कटौती नहीं की जा रही है। पिछले करीब एक सप्ताह से रात में दो घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग ऊपर से ही हो रही है।
शंकरलाल
जेई, विद्युत उपकेंद्र गोपसहसा
महिला में ट्रांसफार्मर चढ़ाते विद्युत कर्मी। संवाद
महिला में ट्रांसफार्मर चढ़ाते विद्युत कर्मी। संवाद