जिले में भीषण गर्मी के कारण मई में बिजली की खपत में करीब 32 मिलियन यूनिट का इजाफा हुआ था। हाईटेंशन लाइनों पर लोड बढ़ने और आंधी के कारण एक से 31 मई के बीच जिलेभर में 10 से लेकर 63 केवीए क्षमता के 132 ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि 875 बिजली के खंभे भी टूट गए।
चिलबिला स्थित कार्यशाला में इन दिनों खराब ट्रांसफाॅर्मर की भरमार है। कार्यशाला के स्टाॅक में रखे ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या 105 से घट 25 के करीब पहुंच गई है। जबकि क्षतिग्रस्त हुए 25 से अधिक ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत होनी बाकी है। बिजली निगम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में पंजीकृत उपभोक्ताओं की संख्या 5.91 लाख है।
अप्रैल में जिले में कुल बिजली की खपत 125 मिलियन यूनिट थी। वहीं, मई में बिजली खपत 157 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। कुंडा व लालगंज तहसील में मई के दौरान आई आंधी के कारण सैकड़ों ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त हुए। इन क्षेत्रों में कार्यशाला से बदलकर दूसरा ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया। वहीं, विभागीय सूत्रों के अनुसार मई में करीब 250 ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
100 ट्रांसफाॅर्मरों की मौके पर कराई गई मरम्मत
आंधी के कारण क्षतिग्रस्त हुए करीब 100 ट्रांसफाॅर्मरों की मौके पर मरम्मत कराई गई। बिजलीकर्मियों ने 100, 250 और 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफाॅर्मरों की मौके पर मरम्मत की।
मई में भीषण गर्मी के कारण जिले में बिजली खपत 32 मिलियन यूनिट बढ़ी है। सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए। जिन्हें कार्यशाला लाकर दुरुस्त कराया जा रहा है।
छैल बिहारी, अधीक्षण अभियंता
एक नजर में आंकड़े
-जिले में कुल पंजीकृत उपभोक्ता-5.91 लाख
-अप्रैल माह में कुल बिजली खपत-125 मिलियन यूनिट
-मई माह में कुल बिजली खपत-157 मिलियन यूनिट
-मई में क्षतिग्रस्त हुए कुल ट्रांसफाॅर्मर-132